Lucknow के स्कूलों में ट्रैफिक मार्शल तैनात न करने पर होगी कार्रवाई, हाईकोर्ट ने DCP ट्रैफिक को भेजा नोटिस

Lucknow: लखनऊ के स्कूलों के बाहर लगने वाले भारी जाम से निपटने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि जो स्कूल ट्रैफिक मार्शल तैनात नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिय

Lucknow: लखनऊ के स्कूलों के बाहर लगने वाले भारी जाम से निपटने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि जो स्कूल ट्रैफिक मार्शल तैनात नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इस मामले में कोर्ट ने DCP ट्रैफिक को उन स्कूलों को तुरंत नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है जिन्होंने अब तक मार्शल नियुक्त नहीं किए हैं।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की पीठ ने गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि यदि कोई स्कूल तीन या उससे अधिक बार ट्रैफिक मार्शल तैनात करने के आदेश का उल्लंघन करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत न्यायालय को दी जाए ताकि दोषी स्कूलों पर अगली कार्रवाई तय की जा सके।

यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 1 अगस्त, 2026 से राज्य भर के स्कूलों का फिजिकल निरीक्षण शुरू होने की संभावना है। इसके लिए एक एजेंसी के साथ समझौता किया गया है। कोर्ट ने यह भी तय किया है कि निरीक्षण करने वाले कर्मी प्रशिक्षित और योग्य होने चाहिए और राज्य सरकार को उनकी योग्यता का सत्यापन करना होगा।

वर्तमान में कई स्कूल मिलकर ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए एक कॉमन SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार कर रहे हैं, जिसे बाद में सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। वहीं, लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल ने अपना गेट नंबर 6A खोल दिया है, जिससे छात्रों के वाहन अब परिसर के अंदर से जा रहे हैं और बाहर जाम की स्थिति में सुधार हुआ है। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई, 2026 को होगी।