Lucknow: घातक चीनी मांझे पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज, योगी सरकार बना रही है कड़ा कानून

Lucknow: राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित घातक चीनी मांझे की बिक्री और इस्तेमाल को रोकने के लिए आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई हो रही है। यह मामला साल 2018 से जनहित याचिका के तौर पर चल रहा है। न्यायमूर्ति राजन रा

Lucknow: राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित घातक चीनी मांझे की बिक्री और इस्तेमाल को रोकने के लिए आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई हो रही है। यह मामला साल 2018 से जनहित याचिका के तौर पर चल रहा है। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।

कोर्ट ने राज्य सरकार को यह जांचने का निर्देश दिया था कि क्या चीनी मांझा अभी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचा जा रहा है। इस पर सरकार को आज 27 जुलाई तक रिपोर्ट देनी थी। साथ ही केंद्र सरकार से भी ऑनलाइन बिक्री रोकने के मुद्दे पर जवाब मांगा गया है। कोर्ट ने पहले चिंता जताई थी कि अधिकारी अक्सर किसी हादसे या मौत की खबर आने के बाद ही कार्रवाई करते हैं।

इस खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार एक नया कानून तैयार कर रही है, जिसका नाम ‘उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, विक्रय एवं उपयोग का प्रतिषेध) अधिनियम’ हो सकता है। इस प्रस्तावित कानून में मांझे से घायल हुए लोगों के लिए मुआवजे का प्रावधान भी शामिल हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी 2026 में साफ कहा था कि चीनी मांझे से होने वाली मौतों को हत्या के मामलों की तरह देखा जाएगा।

इस कानूनी लड़ाई में मुख्य रूप से लखनऊ निवासी सैयद अली हसनैन आब्दी याचिकाकर्ता हैं। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार, पुलिस महानिदेशक और लखनऊ के जिलाधिकारी समेत कई पक्षकार इस मामले में शामिल हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि कार्रवाई के दौरान उन व्यापारियों को परेशान न किया जाए जो पारंपरिक और वैध पतंग सामग्री बेचते हैं।