UP: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है। यह फैसला सीतापुर के श्री दयानंद रामेश्वर प्रसाद हंसरानी आर्यकन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. ज्ञानवती दीक्षित
UP: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है। यह फैसला सीतापुर के श्री दयानंद रामेश्वर प्रसाद हंसरानी आर्यकन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. ज्ञानवती दीक्षित से जुड़ा है। कोर्ट ने पाया कि विभागीय जांच तय समय के अंदर पूरी नहीं की गई थी, इसलिए निलंबन का आदेश सही नहीं है।
निलंबन आदेश रद्द होने की मुख्य वजह क्या रही?
न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यवाही को पूरा करने के लिए एक समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन उस समय के भीतर जांच पूरी नहीं हुई। इसके अलावा, जांच का समय बढ़ाने के लिए विभाग ने न्यायालय से कोई अनुमति भी नहीं मांगी थी। इसी आधार पर कोर्ट ने निलंबन अनुमोदन आदेश को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने समय-सीमा के पालन पर क्या कहा?
अदालत ने अपने फैसले में साफ तौर पर कहा कि न्यायालय द्वारा तय की गई समय-सीमा का पालन करना बहुत जरूरी है। बिना समय विस्तार मांगे, देरी से पारित किया गया कोई भी आदेश कानूनन सही नहीं माना जा सकता। यह आदेश 13 मई 2026 को सुनाया गया, जिससे अब प्रधानाचार्या डॉ. ज्ञानवती दीक्षित को राहत मिली है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किस कॉलेज की प्रधानाचार्या का निलंबन रद्द हुआ है?
सीतापुर के श्री दयानंद रामेश्वर प्रसाद हंसरानी आर्यकन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. ज्ञानवती दीक्षित का निलंबन आदेश रद्द हुआ है।
हाईकोर्ट ने निलंबन रद्द करने का क्या कारण बताया?
कोर्ट ने पाया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभागीय जांच पूरी नहीं की गई थी और समय बढ़ाने के लिए कोर्ट से अनुमति भी नहीं ली गई थी।