Lucknow में भरवारा ROB के जमीन अधिग्रहण पर हाईकोर्ट नाराज, विस्थापन की प्रक्रिया में मिली गड़बड़ी
Lucknow: गोमतीनगर विस्तार में भरवारा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पाया कि जमीन अधिग्रहण के दौरान लोगों को कम से कम विस्थापित करने
Lucknow: गोमतीनगर विस्तार में भरवारा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पाया कि जमीन अधिग्रहण के दौरान लोगों को कम से कम विस्थापित करने और उनके लिए दूसरी जगह बसाने के नियमों का सही से पालन नहीं किया गया। इस मामले में न्यायालय ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जताई है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की बेंच ने 4 अगस्त, 2026 को सुनवाई के दौरान पाया कि सरकार ने सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) रिपोर्ट और विशेषज्ञों की सलाह को नजरअंदाज कर दिया। कोर्ट ने पाया कि सरकारी अधिसूचना और SIA रिपोर्ट में विरोधाभास है। जहां धारा 11 की अधिसूचना में कहा गया था कि किसी परिवार का विस्थापन नहीं होगा, वहीं SIA रिपोर्ट में प्रभावित परिवारों के विस्थापन का साफ जिक्र था।
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 8(2) के तहत तकनीकी विभागों से जो सलाह ली जानी चाहिए थी, वह प्रक्रिया भी सही से पूरी नहीं की गई। इस पूरे मामले में वैज्ञानिक स्वामी सत्यप्रकाश वेद विज्ञान सेवा समिति ने एक जनहित याचिका दायर की थी।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| सुनवाई की तारीख | 4 अगस्त, 2026 |
| अगली सुनवाई | 5 अगस्त, 2026 |
| विवाद का कारण | विस्थापन प्रक्रिया और SIA रिपोर्ट में विरोधाभास |
| संबंधित कानून | भूमि अधिग्रहण कानून (2013) |
| अदालती निर्देश | अपर महाधिवक्ता को रिकॉर्ड पेश करने का आदेश |
अब अदालत ने अपर महाधिवक्ता को निर्देश दिया है कि वे इस मामले से जुड़े सभी आधिकारिक रिकॉर्ड पेश करें और राज्य सरकार का पक्ष स्पष्ट करें।