Lucknow में भारी बारिश के बाद उफन गए नाले, वजीरबाग और मौलवीगंज में भरा घुटनों तक पानी, CM योगी ने दिए मुआवजे के निर्देश
Lucknow/Uttar Pradesh: लखनऊ में शुक्रवार को हुई भारी बारिश ने शहर की नाला सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। वजीरबाग और मौलवीगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में नाले उफनाने की वजह से सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे स्
Lucknow/Uttar Pradesh: लखनऊ में शुक्रवार को हुई भारी बारिश ने शहर की नाला सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। वजीरबाग और मौलवीगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में नाले उफनाने की वजह से सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आशियाना और पुराने लखनऊ के प्रमुख मार्गों पर भी नालियां बंद होने के कारण जलभराव की गंभीर स्थिति बनी रही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए निर्देश
जलभराव और बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित इलाकों का दौरा करने और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि बारिश से प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि संकट की इस घड़ी में वे लोगों के बीच मौजूद रहें और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाएं।
नगर निगम के दावों और हकीकत में अंतर
लखनऊ नगर निगम ने मानसून से पहले 463 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज प्रोजेक्ट शुरू किए थे। नगर आयुक्त गौरव कुमार के अनुसार शहर के 1,200 से अधिक नालों की सफाई का काम चल रहा था। लेकिन वजीरबाग और मौलवीगंज के निवासियों का आरोप है कि जलभराव की सूचना देने के बाद भी काफी समय तक नगर निगम की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। आशियाना के लोगों ने भी शिकायत की है कि वहां लंबे समय से नालों की सफाई नहीं की गई थी, जिसके कारण बारिश होते ही पानी सड़कों पर फैल गया।
अगले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग (IMD) ने लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में 11 जुलाई 2026 तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के कारण न केवल जलभराव हुआ है, बल्कि जानकीपुरम एक्सटेंशन और गोमती नगर एक्सटेंशन जैसी जगहों पर टूटी सड़कों ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी है। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जलभराव की स्थिति में अधिकारियों की सीधी जवाबदेही होगी, अब देखना यह है कि प्रशासन आगे किस तरह की कार्रवाई करता है।