Lucknow में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चौक की गलियों में भरा पानी, IMD ने जारी किया अलर्ट

Lucknow: राजधानी लखनऊ में 8 और 9 जुलाई को हुई भारी बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी। कहीं सड़कें तालाब बन गईं तो कहीं पेड़ गिरकर रास्ते बंद हो गए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बारिश ने तपती

Lucknow: राजधानी लखनऊ में 8 और 9 जुलाई को हुई भारी बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी। कहीं सड़कें तालाब बन गईं तो कहीं पेड़ गिरकर रास्ते बंद हो गए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बारिश ने तपती गर्मी और उमस से राहत दी है और किसानों के लिए यह खुशियां लेकर आई है।

9 जुलाई को दोपहर से मानसून के सक्रिय होते ही शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। सदर के आजाद मोहाल इलाके में एक बड़ा पेड़ गिर गया, जबकि चौक की बान वाली गली समेत कई जगहों पर घुटनों तक पानी भर गया। इससे दफ्तर जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या झेलनी पड़ी। इससे पहले 8 जुलाई को भी तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई थी, जिससे दिन में ही अंधेरा छा गया था। खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी दिखा और दिल्ली से लखनऊ आने वाली Indigo की एक फ्लाइट को अयोध्या एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट करना पड़ा।

बारिश के बीच एक दुखद घटना सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में हुई, जहां एक निर्माणाधीन इमारत की चौथी मंजिल से पैर फिसलने के कारण 29 वर्षीय मजदूर विनोद की मौत हो गई। माना जा रहा है कि बारिश की वजह से सतह पर फिसलन थी, जिससे यह हादसा हुआ।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के 19 जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 43 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लखनऊ मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन को आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

एक तरफ जहां शहर के लोग जलभराव से परेशान थे, वहीं ग्रामीण इलाकों में किसानों के चेहरे खिल उठे। मानसून की सक्रियता के साथ ही किसानों ने खेतों में धान की रोपाई शुरू कर दी है। कृषि विशेषज्ञ राहुल मेहता के मुताबिक यह बारिश धान, मक्का, बाजरा और दलहन जैसी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बहुत फायदेमंद रहेगी।