Lucknow में भारी बारिश से बिजली गुल, कई इलाकों में घंटों रहा अंधेरा; MVVNL ने दिए सख्त निर्देश

Lucknow: राजधानी लखनऊ में सोमवार को हुई भारी बारिश ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर और ग्रामीण इलाकों में कई जगह बिजली गुल रही, जिससे आम जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कहीं शॉर्ट सर्किट से खंभे जल गए तो कहीं सबस्टे

Lucknow: राजधानी लखनऊ में सोमवार को हुई भारी बारिश ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर और ग्रामीण इलाकों में कई जगह बिजली गुल रही, जिससे आम जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कहीं शॉर्ट सर्किट से खंभे जल गए तो कहीं सबस्टेशनों में तकनीकी खराबी आने से घंटों तक सप्लाई ठप रही।

सोमवार सुबह 7:30 बजे राजाजीपुरम के बथम पैलेस चौराहे पर एक 11,000 KV का पोल शॉर्ट सर्किट की वजह से जल गया। इससे करीब एक हजार घरों की बिजली चली गई, जिसे ठीक करने में पांच घंटे का समय लगा। वहीं, अहीबरनपुर सबस्टेशन की ट्रॉली में ब्लास्ट होने से खदरा, सीतापुर रोड और बागशाहजी-मोहन मीकिन रोड जैसे इलाकों में दो घंटे तक बिजली नहीं रही। दुबग्गा इलाके में 33 KV लाइन में खराबी के कारण करीब 5,500 उपभोक्ताओं को रविवार आधी रात से सोमवार सुबह 5 बजे तक अंधेरे में रहना पड़ा।

बिजली संकट सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चोरी की घटनाओं ने भी मुश्किलें बढ़ाईं। काकोरी की मायापुरी कॉलोनी में चोरों ने 400 KVA के ट्रांसफार्मर से तेल और तांबा चोरी कर लिया, जिससे दो दर्जन घरों की बिजली 12 घंटे तक गुल रही। जूनियर इंजीनियर जहांगीर आलम की रिपोर्ट पर इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस स्थिति को देखते हुए MVVNL के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप भागिया ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गलत बिल, खराब मीटर और बिजली चोरी जैसी शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए, वरना लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। विभाग अब पुराने तारों और खंभों को बदलने के लिए एक विशेष अभियान चलाएगा और सबस्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।

दूसरी तरफ, योगी सरकार ने दावा किया है कि पिछले नौ सालों में प्रदेश की बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। सरकार ने बारिश और तूफान के बीच काम कर रहे बिजली कर्मियों की सराहना की है। साथ ही, आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल और डीजीपी राजीव कृष्णा ने निर्देश दिए हैं कि यात्रा रूट के बिजली खंभों को पॉलिथीन से ढका जाए और ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग की जाए ताकि कोई हादसा न हो।

बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर यह है कि जुलाई महीने के बिल में करीब 4.43% की कमी आने की उम्मीद है। UPERC के निर्देशों के बाद फ्यूल और पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) में कमी आई है, जिससे लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी।