Lucknow-Hardoi Highway पर मरम्मत कार्य शुरू, क्षतिग्रस्त अंडरपासों से मिलेगी राहत

UP/Lucknow: लखनऊ-हरदोई राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-731) पर सफर करने वालों के लिए राहत की खबर है। हाईवे पर बने कई ओवरब्रिज अंडरपास लंबे समय से टूटे हुए थे, जिसकी वजह से हादसे बढ़ रहे थे। अब प्रशासन ने इन खराब सड़कों की मरम्मत

UP/Lucknow: लखनऊ-हरदोई राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-731) पर सफर करने वालों के लिए राहत की खबर है। हाईवे पर बने कई ओवरब्रिज अंडरपास लंबे समय से टूटे हुए थे, जिसकी वजह से हादसे बढ़ रहे थे। अब प्रशासन ने इन खराब सड़कों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है ताकि वाहन चालकों और राहगीरों की परेशानी दूर हो सके।

दैनिक भास्कर की 19 जून, 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, यह सुधार कार्य मुख्य रूप से मुजासा, मलिहाबाद, नजरनगर, कटौली और भतोइया गांव के पास स्थित अंडरपासों पर किया जा रहा है। इन जगहों पर सड़कें काफी खराब थीं, जिससे गाड़ियां चलाने में दिक्कत होती थी और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था।

इस हाईवे की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई सवाल उठे हैं। 1 फरवरी, 2025 को जिलाधिकारी विशाख जी ने NHAI की इस फोरलेन परियोजना का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने सुरक्षा उपायों की कमी पर नाराजगी जताई थी और रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और ग्रीन नेट लगाने के निर्देश दिए थे। डीएम ने साफ कहा था कि अधूरे निर्माण या सामग्री के कारण अंधेरे में होने वाले हादसों के लिए NHAI जिम्मेदार होगा।

NH-731 के निर्माण में पहले भी कई खामियां सामने आई हैं। 1 अक्टूबर, 2023 को टुटियारा के पास पुलिया का एप्रोच मार्ग धंस गया था और 15 फरवरी, 2026 को कछौना (हरदोई) में एक रेलवे ओवरब्रिज बनने के कुछ ही महीनों बाद धंस गया था। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, 31.730 किलोमीटर लंबी इस सड़क को 280.72 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन में बदला जा रहा है। हालांकि, 12 जुलाई, 2025 की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि फोरलेन होने के बावजूद तेज ड्राइविंग और सुरक्षा इंतजामों की कमी की वजह से यह रास्ता खतरनाक बना हुआ है।