Lucknow में यात्री बसों की आड़ में GST चोरी, ‘ऑपरेशन कवच’ में 9 लग्जरी बसें सीज
Lucknow: राजधानी लखनऊ में राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग ने मिलकर ‘ऑपरेशन कवच’ चलाया। इस अभियान के दौरान यात्री बसों की आड़ में हो रही बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी का पर्दाफाश हुआ है। जांच में पता चला कि लग्जरी
Lucknow: राजधानी लखनऊ में राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग ने मिलकर ‘ऑपरेशन कवच’ चलाया। इस अभियान के दौरान यात्री बसों की आड़ में हो रही बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी का पर्दाफाश हुआ है। जांच में पता चला कि लग्जरी बसों का इस्तेमाल कर बिना किसी वैध कागजात के भारी मात्रा में व्यापारिक सामान पहुंचाया जा रहा था।
यह कार्रवाई 19 और 20 जुलाई 2026 को लखनऊ आने वाले सभी प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर की गई। अधिकारियों ने पाया कि 50,000 रुपये से अधिक के माल के लिए जरूरी ई-वे बिल (E-way Bill) के बिना सामान ढोया जा रहा था। नियमों के मुताबिक, 1 मार्च 2024 से पांच करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर रखने वाले कारोबारियों के लिए ई-चालान के बिना ई-वे बिल बनाना संभव नहीं है।
अभियान के दौरान कुल नौ लग्जरी बसों को पकड़ा गया, जिनमें से लगभग 300 बोरे व्यापारिक माल जब्त किया गया। पकड़ी गई बसों को हजरतगंज स्थित राज्य कर विभाग के कार्यालय लाकर सीज कर दिया गया है और उन पर अर्थदंड की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
| पकड़ी गई बस कंपनियां | पंजीकरण राज्य |
|---|---|
| राज ट्रैवेल्स, एनकेबी स्मार्ट बस, मेट्रो बस, न्यू इंडिया, सोनिया, रिलैक्स हॉलीडे, आईटीसी ट्रैवेल्स, महालक्ष्मी ट्रैवेल्स | बिहार, असम और उत्तर प्रदेश |
जीएसटी अपर आयुक्त ग्रेड-वन बृजेश कुमार मिश्रा ने व्यापारियों को सलाह दी है कि वे माल भेजते समय सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई या आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। राज्य कर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की चोरी से सरकार को राजस्व का नुकसान होता है और ईमानदारी से काम करने वाले व्यापारियों को दिक्कत आती है। कर चोरी रोकने के लिए यह संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस कार्रवाई में राज्य कर विभाग की सचल दल इकाई के रमेश कुमार, श्याम सुंदर पाठक, खुशबू, रवीश कुमार सिंह और श्याम वीर सिंह के साथ परिवहन विभाग से एआरटीओ प्रवर्तन आस्था बंसल और उनकी टीम शामिल रही।