Lucknow: लखनऊ के गोसाईंगंज इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक तेज रफ्तार बाइक अचानक सामने आए आवारा पशु से टकरा गई। इस टक्कर में बाइक पर सवार चाचा और भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में सब्जी विक्रे
Lucknow: लखनऊ के गोसाईंगंज इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक तेज रफ्तार बाइक अचानक सामने आए आवारा पशु से टकरा गई। इस टक्कर में बाइक पर सवार चाचा और भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में सब्जी विक्रेता की मौत हो गई, जबकि उनका भतीजा घायल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
आवारा पशुओं से हादसे और सरकारी नियम क्या हैं?
उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की वजह से होने वाले हादसों पर सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं। अगर किसी व्यक्ति की मौत सांड या नीलगाय जैसे आवारा पशुओं की टक्कर से होती है, तो उसके परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है। घायल होने की स्थिति में चोट की गंभीरता के हिसाब से 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की मदद दी जाती है। शहरी इलाकों में ऐसे हादसों के लिए नगर निगम को पूरी तरह जिम्मेदार माना जाता है।
प्रशासन इन हादसों को रोकने के लिए क्या कर रहा है?
सरकार और प्रशासन ने आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। दिसंबर 2025 में शहरी विकास विभाग ने पशु प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए थे। रात के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए पशुओं के गले में फ्लोरोसेंट स्ट्रिप्स लगाने की योजना पर काम चल रहा है ताकि ड्राइवरों को पशु दूर से दिख सकें। इसके अलावा, लखनऊ नगर निगम की कान्हा उपवन गौशाला में करीब 9,838 पशुओं को रखा गया है ताकि वे सड़कों पर न घूमें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आवारा पशु से हादसे में मौत होने पर कितना मुआवजा मिलता है?
उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार, आवारा पशुओं की टक्कर से मौत होने पर पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है।
शहरों में आवारा पशुओं के लिए कौन जिम्मेदार है?
शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं के प्रबंधन और उनसे होने वाले हादसों के लिए नगर निगम (Nagar Nigam) को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाता है।