UP: लखनऊ और गोरखपुर के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) को स्मार्ट हाईवे बनाने जा रहा है। इसका मकसद सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना
UP: लखनऊ और गोरखपुर के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) को स्मार्ट हाईवे बनाने जा रहा है। इसका मकसद सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और हादसों पर लगाम लगाना है ताकि लोग सुरक्षित और तेजी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।
स्मार्ट हाईवे पर कैसे होगी निगरानी और क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इस हाईवे के लखनऊ-अयोध्या और अयोध्या-गोरखपुर खंड पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया जाएगा। पूरे कॉरिडोर की 24 घंटे हाईटेक निगरानी होगी। हर एक किलोमीटर पर कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें कुल 238 सीसीटीवी और पीटीजेड कैमरे शामिल होंगे। इसके अलावा, हर 10 किलोमीटर पर वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDES) और एएनपीआर कैमरे लगेंगे जो ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को खुद पहचान लेंगे। यात्रियों को मौसम, जाम और दुर्घटना की जानकारी देने के लिए 18 वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड और 24 स्पीड डिटेक्शन सिस्टम भी लगाए जाएंगे।
ब्लैक स्पॉट खत्म होंगे और बनेंगे नए अंडरपास
सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए रामसनेही घाट-अयोध्या खंड पर करीब 190 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए हाईटेक अंडरपास बनाए जाएंगे। यह कदम उन ‘ब्लैकस्पॉट’ को खत्म करने के लिए उठाया गया है जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को सड़क पार करने में आसानी होगी और खतरा कम होगा। NHAI के अयोध्या परियोजना निदेशक अवनीत सिद्धार्थ ने बताया कि राम मंदिर के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है, इसलिए सुरक्षा मानकों को बढ़ाना जरूरी था।
हादसों में आई कमी और नई कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट
सुरक्षा उपायों और जीपीएस मॉनिटरिंग का असर दिखना शुरू हो गया है। गोरखपुर-अयोध्या फोरलेन पर फरवरी से मई 2026 के बीच केवल 27 हादसे हुए और 18 मौतें हुईं, जबकि 2025 की इसी अवधि में 75 हादसों में 42 लोगों की जान गई थी। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बाराबंकी से बहराइच तक 4-लेन एक्सेस-नियंत्रित राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के निर्माण को 6,969.04 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। यह प्रोजेक्ट लखनऊ-रुपाईडीहा कॉरिडोर का हिस्सा होगा जिससे भारत-नेपाल सीमा व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ-गोरखपुर स्मार्ट हाईवे पर निगरानी के लिए क्या इंतजाम होंगे?
हाईवे पर हर एक किलोमीटर पर कैमरे होंगे और कुल 238 सीसीटीवी और पीटीजेड कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही हर 10 किलोमीटर पर VIDES और ANPR कैमरे लगेंगे जो ओवरस्पीडिंग और नियमों के उल्लंघन की पहचान करेंगे।
ब्लैक स्पॉट को हटाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
रामसनेही घाट-अयोध्या खंड पर लगभग 190 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए हाईटेक अंडरपास बनाए जाएंगे ताकि दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों (ब्लैकस्पॉट) को खत्म किया जा सके और स्थानीय लोगों का आवागमन सुरक्षित हो।