UP : लखनऊ की गोमती नदी में इन दिनों पानी काफी कम हो गया है। शहर के प्रमुख घाटों पर नदी सूखी नजर आ रही है और कई जगह मिट्टी के टीले और नालों का कचरा साफ दिख रहा है। यह स्थिति गोमती बैराज के एक गेट की मरम्मत की वजह से आई है
UP : लखनऊ की गोमती नदी में इन दिनों पानी काफी कम हो गया है। शहर के प्रमुख घाटों पर नदी सूखी नजर आ रही है और कई जगह मिट्टी के टीले और नालों का कचरा साफ दिख रहा है। यह स्थिति गोमती बैराज के एक गेट की मरम्मत की वजह से आई है, जिससे नदी का असली जल प्रवाह सामने आ गया है।
नदी में पानी कम होने की क्या है असली वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य दिनों में बैराज के जरिए पानी को रोका जाता है, जिससे नदी भरी हुई दिखती है। फिलहाल गेट की मरम्मत चल रही है, इसलिए पानी का स्तर गिर गया है। मई 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10-12 दिनों में जलस्तर बहुत कम हुआ है, जिससे नदी का बड़ा हिस्सा सूखा पड़ा है।
प्रदूषण की क्या है स्थिति और सरकारी प्रयास
जून 2026 की जानकारी के अनुसार गोमती का पानी अब हाथ धोने लायक भी नहीं बचा है। इसमें मल प्रदूषण मानक से 26 गुना ज्यादा पाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 अक्टूबर 2025 को गोमती पुनर्जीवन मिशन शुरू किया था और निर्देश दिए थे कि सीवरेज की एक बूंद भी नदी में न जाए। हालांकि, लखनऊ पहुंचते ही नदी काफी दूषित हो जाती है जबकि सीतापुर में पानी की गुणवत्ता अच्छी रहती है।
सीवेज ट्रीटमेंट और सफाई के लिए क्या कदम उठाए गए
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने शहर के 32 नालों में से उन 6 नालों को रोकने का फैसला किया जो सीधे नदी में गंदा पानी छोड़ रहे हैं। प्रशासन ने 130 एमएलडी अनुपचारित पानी को रोकने और नालों पर ग्रिल लगाने के निर्देश दिए हैं। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सीजी सिटी में 19 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी को जल्द चालू करने को कहा है, ताकि प्रदूषण कम किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गोमती नदी का जलस्तर अचानक क्यों कम हुआ?
गोमती बैराज के एक गेट की मरम्मत का काम चल रहा है, जिसकी वजह से पानी का प्रवाह कम हुआ है और नदी के कई हिस्से सूखे नजर आ रहे हैं।
नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है?
सरकार ने गोमती पुनर्जीवन मिशन शुरू किया है। इसके तहत अनुपचारित नालों को रोकने, नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाने और नालों पर कचरा रोकने के लिए ग्रिल लगाने का काम किया जा रहा है।