Lucknow की गोमती नदी अब डेंजर लाइन पर, पानी इतना गंदा कि हाथ धोना भी है मुश्किल
Lucknow: राजधानी लखनऊ की लाइफलाइन कही जाने वाली गोमती नदी की हालत अब बहुत खराब हो चुकी है। यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (UPPCB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है। प्रदूषण इतना बढ़ गया ह
Lucknow: राजधानी लखनऊ की लाइफलाइन कही जाने वाली गोमती नदी की हालत अब बहुत खराब हो चुकी है। यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (UPPCB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है। प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि अब यह नदी शहर के लिए खतरा बनती जा रही है।
UPPCB की 1 जुलाई 2026 की मंथली रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पानी की क्वालिटी बहुत गिर चुकी है। इससे पहले जून में आई एक रिपोर्ट में तो यह बात सामने आई कि नदी का पानी अब हाथ धोने लायक भी नहीं बचा है। जांच में पाया गया कि पानी में टोटल कोलीफॉर्म का लेवल तय मानक से 26 गुना ज्यादा है, जिसका मतलब है कि शहर का गंदा नाला और सीवेज सीधे नदी में गिर रहा है।
नदी को बचाने के लिए सरकार ने ‘Clean Gomti 2026’ जैसा अभियान भी चलाया था, जिसका मकसद नदी को प्रदूषण मुक्त बनाना था। इसी कड़ी में गोमती टास्क फोर्स ने 20 किलोमीटर के दायरे में वैज्ञानिक तरीके से ड्रेजिंग यानी नदी की सफाई का प्रस्ताव दिया है। पिछले 25 सालों में पहली बार ऐसा कदम उठाने की तैयारी है।
दूसरी तरफ, नदी के घटते जलस्तर और बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई घाटों पर मिट्टी के ढेर दिख रहे हैं और पानी काला पड़ चुका है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) चलाने वाली कंपनी SUEZ India की भी लापरवाही सामने आई है, क्योंकि नोटिस मिलने के बाद भी प्लांट सही से काम नहीं कर रहे हैं।
प्रशासन ने नदी के पुलों पर सुरक्षा के इंतजाम भी करने का फैसला किया है। 1090 चौराहे से समता मूलक चौराहे को जोड़ने वाले पुलों पर हाई-राइज फेंसिंग, CCTV कैमरे और हेल्पलाइन बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोका जा सके। सिंचाई विभाग ने गोमती बैराज के मरम्मत कार्य में करीब 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है।