Lucknow में गोमती नदी से निकाला 15 कुंतल कचरा, स्वच्छ पर्यावरण आंदोलन सेना ने चलाया 423वां अभियान

Lucknow: राजधानी लखनऊ में गोमती नदी को साफ और प्रदूषण मुक्त बनाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। रविवार, 28 जून 2026 को स्वच्छ पर्यावरण आंदोलन सेना ने नदी स्वच्छता अभियान का 423वां रविवार सफलतापूर्वक पूरा किया। इस अभियान के

Lucknow: राजधानी लखनऊ में गोमती नदी को साफ और प्रदूषण मुक्त बनाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। रविवार, 28 जून 2026 को स्वच्छ पर्यावरण आंदोलन सेना ने नदी स्वच्छता अभियान का 423वां रविवार सफलतापूर्वक पूरा किया। इस अभियान के दौरान नदी से करीब 15 कुंतल कचरा निकाला गया।

नदी को बचाने के लिए शहर में कई स्तरों पर काम हो रहा है। हाल ही में 21 जून को योग दिवस के मौके पर भी अभियान चलाया गया था, जिसमें लगभग 30 कुंतल कचरा निकाला गया था। वहीं, 12 से 21 जून तक कुड़ियाघाट पर ‘रिवर योग 2026’ अभियान चला, जिसमें लखनऊ नगर निगम (LMC), गोमती टास्क फोर्स (GTF) और डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) ने मिलकर काम किया। मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम ठोस कचरा प्रबंधन और सीवेज कंट्रोल के जरिए गोमती को स्वच्छ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सरकार भी इस दिशा में बड़े कदम उठा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य रूपांतरण आयोग ने फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘रिवाइटलाइजिंग द लाइफलाइन: क्लीन गोमती 2026’ नाम से एक वर्कशॉप आयोजित की थी। इसमें नदी के पुनरुद्धार के लिए रणनीति तैयार की गई। इस पूरी मुहिम में मंत्री सुरेश खन्ना, जलदूत नंद किशोर वर्मा और ‘वॉटरमैन ऑफ इंडिया’ राजेंद्र सिंह जैसे विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

हालांकि, नदी की स्थिति को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं। 5 जून 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ में गोमती के पानी में फिकल कोलीफॉर्म का स्तर मानक से 26 गुना ज्यादा पाया गया, जिससे पानी हाथ धोने लायक भी नहीं बचा है। इसका मुख्य कारण नदी में गिरने वाला बिना ट्रीटमेंट वाला सीवेज है। इस समस्या से निपटने के लिए 5 जून को कुड़ियाघाट से 12 नई नावें और आधुनिक कचरा स्टीमर भी शुरू किए गए थे।