Lucknow को तोहफ़ा, गोमती किनारे बनेगा 19 किमी लंबा ब्लू ग्रीन कॉरिडोर, होगी वाराणसी जैसी भव्य आरती और तैरते होटल
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शहर की पहचान गोमती नदी के किनारे अब 19 किलोमीटर लंबा ब्लू ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से गोमती का नजारा पूरी तरह बदल जाएगा और लोगों को घूमने-फिरने के लिए नई औ
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शहर की पहचान गोमती नदी के किनारे अब 19 किलोमीटर लंबा ब्लू ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से गोमती का नजारा पूरी तरह बदल जाएगा और लोगों को घूमने-फिरने के लिए नई और आधुनिक जगहें मिलेंगी।
यह पूरी योजना उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR 2051) विजन डॉक्यूमेंट के तहत तैयार की गई है। इसका मकसद गोमती नदी को लखनऊ की संस्कृति, प्रकृति और मनोरंजन का मुख्य केंद्र बनाना है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहले चरण का काम 2027 से 2032 के बीच होगा। इसमें NH-230 से आचार्य नरेंद्र देव मार्ग के बीच 11.5 किलोमीटर लंबा सिटी फॉरेस्ट राष्ट्र प्रेरणा स्थल विकसित किया जाएगा, जिस पर 1100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरे चरण का काम 2030 से 2035 के बीच चलेगा। इसमें 7.5 किलोमीटर लंबा वेलनेस और सस्टेनेबिलिटी पार्क बनेगा, जिसकी लागत 700 करोड़ रुपये होगी। इस पार्क में बॉटनिकल गार्डन, योगा कोर्ट, प्लेनेटोरियम और बाजार जैसी सुविधाएं होंगी।
इस कॉरिडोर की सबसे खास बात यह होगी कि यहाँ वाराणसी की तर्ज पर भव्य आरती होगी। साथ ही नदी में तैरते हुए होटल और रेस्टोरेंट भी बनाए जाएंगे, जिससे पर्यटकों को नया अनुभव मिलेगा। लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) इस पूरे विकास कार्य में शामिल है।
शहर के विकास के लिए अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई 2026 को कुकरैल नाइट सफारी को पर्यावरणीय शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। यह भारत की पहली और दुनिया की पांचवीं नाइट सफारी होगी, जिसे 1510 करोड़ रुपये की लागत से दो साल में तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, गोमती के दोनों तटों पर 28 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर का काम भी जारी है। हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने सेना की जमीन से जुड़ी बाधाएं दूर कर दी हैं, जिससे तीसरे चरण का काम आसान हो गया है।