Lucknow में गोमती के दो पुल बने सुसाइड प्वाइंट, पुलिस ने LDA से मांगी एंटी-सुसाइड जाली

Lucknow: गोमतीनगर इलाके में गोमती नदी पर बने दो बड़े पुल अब लोगों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। इन पुलों से कूदकर आत्महत्या करने और कोशिश करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने अब कड

Lucknow: गोमतीनगर इलाके में गोमती नदी पर बने दो बड़े पुल अब लोगों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। इन पुलों से कूदकर आत्महत्या करने और कोशिश करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने अब कड़े कदम उठाने की तैयारी की है और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से सुरक्षा इंतजाम करने को कहा है।

पुलिस ने इस मामले में LDA को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इसमें मांग की गई है कि दोनों पुलों पर एंटी-सुसाइड सेफ्टी फेंस (सुरक्षा जाली) लगाई जाए ताकि कोई नदी में न कूद सके। इसके साथ ही पुलों पर सीसीटीवी कैमरे और चेतावनी बोर्ड लगाने की भी बात कही गई है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और लोगों को सचेत किया जा सके।

पिछले कुछ समय में यहां कई दुखद घटनाएं हुई हैं। 4 जून 2026 को पुलिस ने एक महिला को अपनी बेटी के साथ नदी में कूदने से बचाया था। वहीं 25 मई 2026 को एक यूपीएससी छात्र ने खराब प्रदर्शन की वजह से जान दे दी। इसी दिन चौक इलाके के पक्के पुल के पास एक मां और बेटे के शव भी मिले थे, जिसमें महिला के सुसाइड नोट में ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगे थे। इससे पहले 19 मई 2025 को भी एक युवक ने नदी में कूदकर अपनी जान ली थी।

दूसरी तरफ, यूपी सरकार ने 10 जनवरी 2026 को गोमती नदी पर 540 मिलियन रुपये की लागत से एक पैदल यात्री पुल बनाने की मंजूरी दी है। LDA ने इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे लोगों का आवागमन सुरक्षित हो सके। फिलहाल, पुलिस द्वारा जाली और कैमरों की मांग पर LDA की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।