Lucknow में गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने पर चर्चा, 40 करोड़ हस्ताक्षर अभियान की तैयारी
UP/Lucknow: लखनऊ में गौ सम्मान आह्वान अभियान की प्रांतीय बैठक हुई जिसमें गौ माता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा दिलाने पर रणनीति बनाई गई। इस अभियान के जरिए केंद्र सरकार को 40 करोड़ हस्ताक्षरों वाला एक प्रार्थना पत्र स
UP/Lucknow: लखनऊ में गौ सम्मान आह्वान अभियान की प्रांतीय बैठक हुई जिसमें गौ माता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा दिलाने पर रणनीति बनाई गई। इस अभियान के जरिए केंद्र सरकार को 40 करोड़ हस्ताक्षरों वाला एक प्रार्थना पत्र सौंपा जाएगा ताकि गौ संरक्षण के लिए कड़े कानून बन सकें।
इस अभियान का मुख्य मकसद गौ हत्या पर पूरी तरह रोक लगाना, केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय की स्थापना करना और चारा सुरक्षा नीति लागू करना है। अभियान का पहला चरण 27 अप्रैल 2026 को पूरा हो चुका है, जिसमें देश की 5000 तहसीलों से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक 1.25 करोड़ हस्ताक्षर भेजे गए थे। अब इसका दूसरा चरण 27 जुलाई 2026 से शुरू होगा, जिसमें 790 जिला केंद्रों के माध्यम से 15 करोड़ और हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे। 27 जुलाई को पूरे देश में गौ सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
इसी मांग को लेकर राजस्थान के भरतपुर निवासी गौसेवक राहुल फौजदार ने 20,000 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की है। उनकी यात्रा 6 जुलाई 2026 को शामली पहुंची और अब वे प्रधानमंत्री कार्यालय में ज्ञापन सौंपेंगे। वहीं, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी गौ विष्टि यात्रा के तहत उत्तर प्रदेश सरकार को 24 जुलाई 2026 तक गाय को राज्यमाता का दर्जा देने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर 24 जुलाई को लखनऊ में एक बड़ी जनसभा की जाएगी।
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गाय पहले से ही स्वयंभू राष्ट्रमाता है और उसे किसी औपचारिक घोषणा की जरूरत नहीं है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के शिवपाल सिंह यादव और कांग्रेस के अजय राय ने शंकराचार्य की मांग का समर्थन किया है। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया है कि अगर 2027 में उनकी सरकार बनती है, तो यूपी में गाय को राज्यमाता का दर्जा दिया जाएगा।
अभियान से जुड़ने के लिए 9067777323 मिस कॉल नंबर और www.gausamman.cloud वेबसाइट जारी की गई है।