UP: लखनऊ के कैसरबाग स्थित गांधी भवन ऑडिटोरियम में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का 70वां जन्मोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया गया। 13 मई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का नाम ‘दिव्य गान, ध्यान और ज्ञान’
UP: लखनऊ के कैसरबाग स्थित गांधी भवन ऑडिटोरियम में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का 70वां जन्मोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया गया। 13 मई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का नाम ‘दिव्य गान, ध्यान और ज्ञान’ रखा गया था। इस मौके पर हजारों की संख्या में भक्तों और साधकों ने हिस्सा लिया और तनाव मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में क्या खास रहा और किसने दी प्रस्तुति
उत्सव की शुरुआत भक्ति संगीत के साथ हुई। मशहूर भजन गायिका चित्रा राय ने अपनी आवाज से पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया। उन्होंने ‘मेरे सतगुरु की छवि ऐसी है’ और ‘मेरा मुझमें किछु नहीं’ जैसे भजनों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद बेंगलुरु स्थित अंतरराष्ट्रीय केंद्र से गुरुदेव रविशंकर के ध्यान सत्र का सीधा प्रसारण किया गया, जिसमें सभी ने एक साथ मौन रहकर ध्यान लगाया।
आयोजन में शामिल प्रमुख लोग और सदस्य
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आर्ट ऑफ लिविंग के कई वरिष्ठ शिक्षकों और सदस्यों का हाथ रहा। कार्यक्रम में समर्थ नारायण, तनुज नारायण, नमिता उपाध्याय, नीरू शर्मा, अंजलि सेठ, पूनम जैन, अर्चना सतीश, योगेश शर्मा, अनिकेत जोशी, राजीव पाठक, मनीष गुप्ता, पवन, शिवम, शेष गुप्ता, सीमा मोदी, अर्पण, गौरव सिंह, विशाल पांडेय, अतुल भटनागर और मीता गुप्ता जैसे साधक शामिल थे। कार्यक्रम का अंत महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
देशभर से मिलीं बधाइयां और अन्य गतिविधियां
गुरुदेव के जन्मदिन पर देश के कई बड़े नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें बधाई दी। इसी दौरान वाराणसी में भी अनुयायियों ने महासुदर्शन क्रिया और गुरु पूजन के जरिए अपना प्रेम जताया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में श्री श्री रविशंकर का जन्मोत्सव कब और कहां मनाया गया?
यह कार्यक्रम बुधवार, 13 मई 2026 को लखनऊ के कैसरबाग स्थित गांधी भवन ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का 70वां जन्मदिन मनाना और उनके ‘तनाव मुक्त और हिंसा मुक्त समाज’ के सपने को पूरा करने का संकल्प लेना था।