Lucknow में पान की दुकान से पेट्रोल चोरी का खेल, ड्राइवरों संग मिलकर 36 साल के शख्स ने चलाया गोरखधंधा

Lucknow: राजधानी लखनऊ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक पान की दुकान चलाने वाले शख्स ने पेट्रोल और डीजल चोरी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था। क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन इथेनॉल शील्ड’ के तहत छापे

Lucknow: राजधानी लखनऊ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक पान की दुकान चलाने वाले शख्स ने पेट्रोल और डीजल चोरी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था। क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन इथेनॉल शील्ड’ के तहत छापेमारी कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

यह पूरा खेल मलिहाबाद के रहने वाले 36 साल के अनिल सिंह ने शुरू किया था। अनिल की पान की दुकान थी जहां अक्सर फ्यूल टैंकर्स के ड्राइवर आते थे। उसने ड्राइवरों के साथ सेटिंग की और धीरे-धीरे चोरी का नेटवर्क बना लिया। शुरुआत में यह गिरोह केवल 5-6 लीटर ईंधन चोरी करता था लेकिन बाद में यह काम बड़े स्तर पर होने लगा।

पुलिस के मुताबिक यह गैंग HPCL के अमौसी टर्मिनल से ईंधन भरने वाले टैंकर्स को निशाना बनाता था। आरोपी एक डुप्लीकेट मास्टर चाबी का इस्तेमाल कर रास्ते में टैंकर्स के कम्पार्टमेंट खोलते थे और पाइप के जरिए पेट्रोल-डीजल निकाल लेते थे। चोरी किए गए ईंधन की कमी को पूरा करने के लिए इसमें इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट और इथेनॉल जैसे केमिकल मिलाए जाते थे। इस मिलावटी ईंधन को ग्रामीण इलाकों में करीब 75 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बेचा जाता था।

एडीसीपी (क्राइम) किरण यादव ने बताया कि गाड़ियों के अचानक खराब होने की शिकायतों के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई थी। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में ईंधन और मिलावट का सामान बरामद किया है।

बरामद सामान मात्रा
पेट्रोल 7,750 लीटर
डीजल 4,000 लीटर
मिलावटी पेट्रोल 1,150 लीटर
इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट 3,200 लीटर
अन्य उपकरण प्लास्टिक पाइप, फनल, मास्टर की, डिप रॉड

इस मामले में अनिल सिंह के अलावा अभिषेक राजपूत, धीरज सिंह और टैंकर ड्राइवर रामतीर्थ को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ड्राइवरों और खरीदारों की तलाश कर रही है।