Lucknow में मिलावटी पेट्रोल-डीजल बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार और 16 हजार लीटर ईंधन बरामद

Lucknow: लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ईंधन में मिलावट और चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन इथेनॉल शील्ड’ के तहत यह बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

Lucknow: लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ईंधन में मिलावट और चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन इथेनॉल शील्ड’ के तहत यह बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मलिहाबाद के सन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में पेट्रोल, डीजल और सॉल्वेंट बरामद किया है।

यह पूरी कार्रवाई रविवार, 12 जुलाई 2026 को की गई। क्राइम ब्रांच और आबकारी विभाग की टीम ने सन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास एक तेल टैंकर और एक वैन को संदिग्ध हालत में पकड़ा। इस ऑपरेशन का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरण यादव ने किया। पुलिस ने मौके से कुल 16,000 लीटर से ज्यादा पेट्रोलियम उत्पाद जब्त किए हैं।

बरामद सामान मात्रा
पेट्रोल 7,750 लीटर
डीजल 4,000 लीटर
अपमिश्रित पेट्रोल 1,150 लीटर
सॉल्वेंट 3,200 लीटर
अन्य उपकरण प्लास्टिक पाइप, कीप, मास्टर चाबी, डिप रॉड

पकड़े गए आरोपियों में अनिल कुमार, अभिषेक राजपूत, धीरज सिंह और टैंकर चालक रामतीर्थ शामिल हैं। जांच में पता चला कि टैंकर चालक HPCL के अमौसी टर्मिनल से ईंधन लोड करने के बाद सीधे पेट्रोल पंप जाने के बजाय रास्ते में रुकता था। वहां से ईंधन निकालकर उसमें सॉल्वेंट मिलाया जाता था और इसे अनिल कुमार को 75 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचा जाता था, जो आगे इसे ग्राहकों को महंगे दाम पर बेचता था।

एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया कि सोशल मीडिया पर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर काफी भ्रम फैलाया जा रहा था। इसी वजह से पुलिस आयुक्त के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया ताकि यह देखा जा सके कि गाड़ियों में आने वाली खराबी के पीछे मिलावट तो नहीं है। दूसरी तरफ, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में मिलने वाला ई20 पेट्रोल मानकों के अनुरूप है और पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय के अनुसार, आपूर्ति से पहले इसका गहन परीक्षण किया जाता है।