Lucknow में नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, होलोग्राम और स्पेलिंग चेक कर पहचानें फर्जी दवाएं
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नकली और घटिया क्वालिटी की दवाओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ा अभियान चलाया है। विभाग ने दवाओं के एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी बिलिंग और बैंक ट्रांजेक्शन
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नकली और घटिया क्वालिटी की दवाओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ा अभियान चलाया है। विभाग ने दवाओं के एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी बिलिंग और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए नकली दवाएं बाजार में उतार रहा था। इस कार्रवाई में अब तक करोड़ों रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की गई हैं और कई फर्मों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
FSDA कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब ने साफ किया है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। विभाग ने इस नेटवर्क की जांच यूपी के बाहर राजस्थान और उत्तराखंड तक पहुंचाई है। देहरादून में एक अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का पता चला है, जिसका सीधा कनेक्शन लखनऊ के दवा कारोबारियों से था। जुलाई और अगस्त के दौरान अमीनबाद और बीकेटी इलाकों में छापेमारी कर करीब 1.37 करोड़ रुपये से ज्यादा की संदिग्ध दवाएं पकड़ी गई हैं।
अमीनबाद पुलिस स्टेशन में इस सिंडिकेट के खिलाफ छठी FIR दर्ज की गई है। जांच में पाया गया कि Zydus, Sun Pharma और Glenmark जैसी बड़ी कंपनियों की ब्रांडेड दवाओं की नकल की जा रही थी। इस मामले में SKG मेडिकल्स, गायत्री फार्मा, हेल्थ प्लस और सोलर फार्मा जैसी कई थोक दुकानों का कामकाज फिलहाल रोक दिया गया है। जांच अधिकारी मनीष मिश्रा, अमोद कुमार मिश्रा और सॉफ्टवेयर वेंडर आबिद अली अथर जैसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं जिन्होंने फर्जी बिलिंग में मदद की।
आम जनता को जागरूक करने के लिए FSDA ने कुछ आसान तरीके बताए हैं। विभाग के अधिकारी ग्राहक बनकर दुकानों से दवाएं खरीद रहे हैं और उनकी जांच कर रहे हैं। लोग दवा खरीदते समय पैकेजिंग की क्वालिटी, बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को ध्यान से देखें। दवाओं के रैपर पर छपे लोगो, सिक्योरिटी होलोग्राम और स्पेलिंग की गलतियों को चेक करें, क्योंकि नकली दवाओं में अक्सर स्पेलिंग की मिस्टेक होती है।