Lucknow में मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई, 25 कारोबारियों के खिलाफ 6.8 लाख की आरसी जारी
Lucknow: राजधानी लखनऊ में मिलावटी और घटिया क्वालिटी का सामान बेचने वाले व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने सख्त कदम उठाते हुए 25 खाद्य कारोबारियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ र
Lucknow: राजधानी लखनऊ में मिलावटी और घटिया क्वालिटी का सामान बेचने वाले व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने सख्त कदम उठाते हुए 25 खाद्य कारोबारियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी किया है। इन कारोबारियों ने कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने की रकम जमा नहीं की थी, जिसके बाद अब उनसे कुल 6.80 लाख रुपये की वसूली की जाएगी।
यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत की गई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर इन कारोबारियों ने जुर्माना नहीं भरा, तो उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश की FSDA आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि इस अभियान का मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाना मिले, यह सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य फोकस उन बड़े और संगठित मिलावटखोरों पर है जो गंभीर अपराध कर रहे हैं, न कि छोटे दुकानदारों पर।
जुलाई 2026 में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान राज्य स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई है। विभाग ने कुल 3,537 निरीक्षण और 2,075 छापेमारी की, जिसमें 2,965 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए। इस दौरान करीब 11.66 करोड़ रुपये की खाद्य सामग्री जब्त की गई और 63.17 लाख रुपये का मिलावटी सामान मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
दूध और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों पर विभाग ने विशेष नजर रखी है। इस दौरान 10.66 करोड़ रुपये के दूध और दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए। इसके अलावा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिट्स पर भी गाज गिरी है, जिसमें 57 इकाइयों को सील किया गया और 41 के लाइसेंस निलंबित हुए। कांवड़ यात्रा को देखते हुए भी लखनऊ के मुख्य रास्तों पर जूस और फल की दुकानों की जांच की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को शुद्ध सामान मिले।