UP: लखनऊ के सूर्या ऑडिटोरियम में शुक्रवार को मानसून से पहले बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए एक बड़ी बैठक हुई। यह राष्ट्रीय नागरिक-सैन्य संगोष्ठी उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) और भारतीय सेना की मध्य
UP: लखनऊ के सूर्या ऑडिटोरियम में शुक्रवार को मानसून से पहले बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए एक बड़ी बैठक हुई। यह राष्ट्रीय नागरिक-सैन्य संगोष्ठी उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) और भारतीय सेना की मध्य कमान ने मिलकर आयोजित की। इसका मकसद बाढ़ के दौरान होने वाले नुकसान को कम करना और राहत कार्यों में तेजी लाना था।
बाढ़ से निपटने के लिए क्या खास तैयारी की गई
इस मीटिंग में जलवायु परिवर्तन की वजह से होने वाली समस्याओं जैसे अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Flood), शहरी बाढ़, बादल फटना और भूस्खलन पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि केवल सरकारी मदद काफी नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता की भागीदारी और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। बाढ़ की पूर्व चेतावनी देने वाले सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर दिया गया ताकि लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाला जा सके।
किन एजेंसियों ने साझा की अपनी तकनीक
संगोष्ठी में IMD, CWC और NDMA जैसी बड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने उपग्रह आधारित निगरानी, मौसम की सटीक भविष्यवाणी और ‘सचेत’ (SACHET) जैसे चेतावनी सिस्टम के बारे में बताया। यूपी पुलिस के महानिदेशक ने साफ किया कि पुलिस का पूरा लक्ष्य जल-जनित घटनाओं में होने वाली जनहानि को पूरी तरह रोकना है। साथ ही बिहार के आपदा प्रबंधन मॉडल की काफी तारीफ हुई, जिसे दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण बताया गया।
कौन-कौन शामिल हुआ इस बैठक में
इस आयोजन में मध्य कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस.आर. सुब्रमणि और UPSDMA के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। यूपी शासन की प्रमुख सचिव अपर्णा यू. और बिहार के डॉ. उदयकान्त मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। राहत कार्यों के लिए NDRF, SDRF, भारतीय वायु सेना, यूपी पुलिस और भारतीय रेल जैसी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर सहमति बनी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में आयोजित इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून से पहले बाढ़ जोखिम को कम करना, पूर्व चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाना और राहत कार्यों के लिए सेना और नागरिक प्रशासन के बीच तालमेल बिठाना था।
बाढ़ प्रबंधन के लिए किन तकनीकों पर चर्चा की गई?
बैठक में उपग्रह आधारित निगरानी, कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) और सचेत (SACHET) आधारित चेतावनी प्रणालियों के जरिए लोगों तक सटीक जानकारी पहुँचाने पर चर्चा हुई।