UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब सिर्फ अपनी तहजीब के लिए नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी के लिए जानी जाएगी। योगी सरकार ने लखनऊ में पहली AI सिटी बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बना
UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब सिर्फ अपनी तहजीब के लिए नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी के लिए जानी जाएगी। योगी सरकार ने लखनऊ में पहली AI सिटी बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए डिजिटल गवर्नेंस और AI मिशन पर जोर दिया जा रहा है। लखनऊ के द सेंट्रम में 14 से 16 मई 2026 तक ‘UP AI Transformation Conclave’ का आयोजन किया जा रहा है।
लखनऊ में AI सिटी कहाँ और कैसे बनेगी?
लखनऊ के वृंदावन योजना के सेक्टर-15 में 12 एकड़ जमीन पर पहली AI सिटी विकसित की जाएगी। इस प्रोजेक्ट की जमीन की लागत करीब 368 करोड़ रुपये है। इसे PPP मॉडल पर बनाया जाएगा, जिसमें निजी डेवलपर्स को 45 साल की लीज दी जाएगी। इसके अलावा लखनऊ हवाई अड्डे और कानपुर हाईवे के पास 40 एकड़ जमीन और एक 70 एकड़ वाली ग्रीन एनर्जी संचालित AI सिटी की योजना भी है।
यूपी AI मिशन और युवाओं के लिए क्या है खास?
जनवरी 2026 में 2,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ ‘यूपी AI मिशन’ शुरू किया गया था। इसका मकसद राज्य में AI रिसर्च सेंटर खोलना और नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। ‘AI प्रज्ञा’ पहल के जरिए 10 लाख से ज्यादा युवाओं को AI की ट्रेनिंग दी जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं में भी AI का इस्तेमाल होगा जिससे बीमारियों की पहचान जल्दी हो सकेगी।
अर्थव्यवस्था और डिजिटल विजन क्या है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजन 2047 का रोडमैप पेश किया है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार यूपी की अर्थव्यवस्था 356 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। सरकार का लक्ष्य AI और ड्रोन तकनीक के जरिए राज्य को ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाना है। लखनऊ के अलावा कानपुर, नोएडा, वाराणसी और प्रयागराज को भी IT हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में AI सिटी का काम कहाँ होगा?
पहली AI सिटी वृंदावन योजना के सेक्टर-15 में 12 एकड़ जमीन पर बनेगी। इसके अलावा हवाई अड्डे के पास 40 एकड़ और एक अन्य 70 एकड़ की हरित ऊर्जा संचालित सिटी की योजना है।
AI प्रज्ञा योजना क्या है?
यह योगी सरकार की एक पहल है जिसके तहत उत्तर प्रदेश के 10 लाख से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षित किया जा रहा है।