UP : नवाबों का शहर लखनऊ अब तकनीक की दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत लखनऊ को भारत की पहली AI सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद उत्तर प्रदेश को देश का सबसे
UP : नवाबों का शहर लखनऊ अब तकनीक की दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत लखनऊ को भारत की पहली AI सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनाना है, जिससे सरकारी काम आसान होंगे और आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
AI सिटी में क्या होगा और कितना पैसा खर्च होगा
लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर-15 में करीब 12 एकड़ जमीन पर यह सिटी बनाई जाएगी। सरकार ने इसके लिए 368 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जबकि यूपी एआई मिशन के लिए अलग से 225 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इस पूरी परियोजना में करीब 10,732 करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है। यहाँ एआई इनोवेशन सेंटर, टेक पार्क, रिसर्च लैब और डेटा सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
आम लोगों और युवाओं को क्या फायदा होगा
इस प्रोजेक्ट से लखनऊ और आसपास के इलाकों में करीब 25,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। एआई सिटी को दो हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें 60 प्रतिशत हिस्सा रिसर्च और तकनीक के लिए होगा और 40 प्रतिशत हिस्सा रिहायशी और कमर्शियल सुविधाओं के लिए होगा। खास बात यह है कि यह पूरी सिटी सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे हरित ऊर्जा स्रोतों से चलेगी।
कंपनियों को मिलने वाली छूट और सरकारी मदद
सरकार ने आईटी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए कई रियायतें दी हैं। आईटी और आईटीईएस नीति 2022 के तहत डेवलपर्स को 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी में छूट मिलेगी। इसके अलावा बिजली शुल्क, क्लाउड सर्विस और बैंडविड्थ खर्च के लिए भी मदद दी जाएगी। आईटी पार्कों के लिए 20 करोड़ और आईटी सिटी के लिए 100 करोड़ रुपये तक के पूंजीगत व्यय में 25 प्रतिशत की सहायता मिलेगी। टाटा संस और सिफी टेक्नोलॉजीज जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही इसमें दिलचस्पी दिखा रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ की एआई सिटी कहाँ बन रही है और इसका बजट क्या है?
यह सिटी लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर-15 में करीब 12 एकड़ में विकसित होगी। इसके लिए सरकार ने 368 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है और कुल निवेश 10,732 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।
इस प्रोजेक्ट से रोजगार के कितने अवसर मिलेंगे?
इस एआई सिटी प्रोजेक्ट के पूरा होने से लखनऊ और आसपास के क्षेत्र में करीब 25,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर पैदा होने की संभावना है।