Lucknow अग्निकांड में 15 की मौत, 4 गिरफ्तार और 4 अधिकारी सस्पेंड, SIT करेगी मामले की जांच

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस अग्निकांड में कम से कम 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 16 से 27 साल के छात्र और युवा पेशेवर थे। मुख्य

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस अग्निकांड में कम से कम 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 16 से 27 साल के छात्र और युवा पेशेवर थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह हादसा सोमवार, 22 जून 2026 को दोपहर करीब 2:15 बजे हुआ, जिसे शाम 6:30 बजे तक नियंत्रित किया जा सका। जिस बिल्डिंग में आग लगी वहां एक कोचिंग सेंटर, पेट शॉप, लाइब्रेरी और गेमिंग स्टूडियो चल रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि दम घुटने की वजह से ज्यादातर मौतें हुईं। पुलिस ने बिल्डिंग को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम सबूत जुटा रही है। LDA ने इस बिल्डिंग को अवैध बताते हुए इसे गिराने का नोटिस जारी किया है, जिस पर 15 दिनों के भीतर बुलडोजर एक्शन हो सकता है।

इस मामले में अलीगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110, 125 और 3(5) के साथ यूपी फायर सर्विस एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पेट शॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, ऑफिस मालिक तुषोक कृष्ण जायसवाल और स्टूडियो ऑपरेटर सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। बाकी दो आरोपियों की तलाश जारी है।

प्रशासनिक लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए सीएम योगी ने चार अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। इनमें बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार, फायर स्टेशन सेफ्टी ऑफिसर कमलेंद्र कुमार सिंह और LDA के सहायक अभियंता अनिल कुमार व कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडे शामिल हैं। हादसे की गहन जांच के लिए दो सदस्यीय SIT बनाई गई है, जिसमें अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार शामिल हैं। इस टीम को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

सरकार और केंद्र की ओर से पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को करीब 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। फिलहाल 9 घायल KGMU अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है क्योंकि वे बचने के लिए ऊपर से कूदे थे।

जांच अधिकारियों का मानना है कि आग बेसमेंट में लगे एक LED बिलबोर्ड में शॉर्ट सर्किट या AC डक्ट से शुरू हुई होगी। साथ ही यह बात भी सामने आई है कि बिल्डिंग के गेट पर लगा बायोमेट्रिक लॉकिंग सिस्टम लोगों के बाहर निकलने में बाधा बना, जिससे हादसे का असर बढ़ गया।