UP: लखनऊ में अग्नि सुरक्षा की हालत काफी चिंताजनक है। शहर की संकरी गलियों में बने होटलों और ऊंची इमारतों में अगर आग लगी, तो हालात दिल्ली जैसी त्रासदी से भी ज्यादा भयावह हो सकते हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि राजधानी में ऊ
UP: लखनऊ में अग्नि सुरक्षा की हालत काफी चिंताजनक है। शहर की संकरी गलियों में बने होटलों और ऊंची इमारतों में अगर आग लगी, तो हालात दिल्ली जैसी त्रासदी से भी ज्यादा भयावह हो सकते हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि राजधानी में ऊंची मंजिलों तक पहुंचने के लिए आधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तक नहीं हैं और भारी संख्या में होटल बिना सुरक्षा सर्टिफिकेट के चल रहे हैं।
बिना NOC के चल रहे होटल और प्रशासन की कार्रवाई
लखनऊ के करीब 3,000 होटल और रेस्तरां में से लगभग 80 प्रतिशत में अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 147 होटल और रेस्तरां नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिन्हें नोटिस भेजा गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अंकुश मित्तल ने बताया कि सुधार न करने वाले सात होटलों की बिजली काटने के लिए विद्युत विभाग को पत्र लिखा गया है। नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ अब परिसर सील करने और NOC रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की कमी और सरकार की नई योजना
शहर में बहुमंजिला इमारतें तो तेजी से बन रही हैं, लेकिन अग्निशमन विभाग के पास ऊपरी मंजिलों पर बचाव के लिए एक भी आधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं है। इस कमी को दूर करने के लिए अब प्रदेश भर में 502 करोड़ रुपये खर्च कर नए प्लेटफॉर्म खरीदने की तैयारी है। लखनऊ के लिए 90 मीटर ऊंचाई वाले दो प्लेटफॉर्म प्रस्तावित हैं, जिनकी लागत करीब 68 करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा, सरकार ने 77.93 करोड़ रुपये की राशि से 81 वाटर टेंडर और अन्य आधुनिक उपकरण खरीदने की मंजूरी दी है।
फायर सेफ्टी के लिए क्या हैं नए नियम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 लागू किया गया है। इस नए कानून के तहत व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति अनिवार्य होगी। संसाधनों को बढ़ाने के लिए ‘फायर टैक्स’ का प्रावधान भी किया गया है। प्रशासन ने हाल ही में हजरतगंज और अमीनाबाद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा ऑडिट किया है ताकि किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में कितने होटल बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं
रिपोर्ट के अनुसार, शहर के करीब 80% होटल और रेस्तरां अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हैं और सैकड़ों प्रतिष्ठान बिना एनओसी के संचालित हो रहे हैं।
ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए क्या इंतजाम किए जा रहे हैं
लखनऊ के लिए 90 मीटर ऊंचाई के दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म प्रस्तावित हैं जिनकी लागत 68 करोड़ रुपये होगी। साथ ही प्रदेश सरकार 502 करोड़ रुपये के बजट से आधुनिक उपकरण खरीदने की तैयारी में है।