Lucknow अग्निकांड: 10 साल पहले LDA ने क्यों रद्द किया था बिल्डिंग गिराने का आदेश, अब फिर मिला नोटिस
Lucknow: राजधानी लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग ने कई बड़े सवालों को खड़ा कर दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद अब प्रशासन की पुरानी गलतियां सामने आ रही हैं। जांच में पता चला है कि जिस इमारत में आ
Lucknow: राजधानी लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग ने कई बड़े सवालों को खड़ा कर दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद अब प्रशासन की पुरानी गलतियां सामने आ रही हैं। जांच में पता चला है कि जिस इमारत में आग लगी, उसे सालों पहले गिराया जाना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही ने इसे बचा लिया।
LDA के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस इमारत में अवैध निर्माण पाया गया था, जिसके कारण 10 मई 2016 को इसे गिराने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि महज दो महीने बाद 5 जुलाई 2016 को इसी आदेश को रद्द कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, जिस अधिकारी ने बिल्डिंग गिराने का ऑर्डर दिया था, उसी ने बाद में उसे वापस लेने का आदेश भी पास किया। मालिक ने यह दलील दी थी कि उसे अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला, जिसे मान लिया गया।
यह इमारत मूल रूप से 1980 में विजय कुमार को आवंटित हुई थी और 2014 में इसका नक्शा सिर्फ रहने (आवासीय उपयोग) के लिए पास हुआ था। लेकिन यहाँ व्यावसायिक काम चल रहे थे। 22 जून 2026 को यहाँ आग लगी, जिसका कारण AC डक्ट में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बिल्डिंग में इमरजेंसी एग्जिट न होने की वजह से लोग बाहर नहीं निकल पाए और हादसे में कई मौतें हुईं।
इस घटना के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। UPPCL के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, LDA के दो इंजीनियर और एक फायर ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया गया है। इमारत के मालिक वीरेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने साफ किया है कि 10 साल पहले नोटिस रद्द करने वाले अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
अब LDA ने मालिक को फिर से 15 दिन का नोटिस दिया है और 7 जुलाई को सुनवाई तय की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे शहर में बिना रजिस्ट्रेशन वाले कोचिंग सेंटरों पर अभियान चलाने और सभी रजिस्टर्ड सेंटरों का सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। LDA ने शहर में अवैध निर्माणों पर लगाम कसने के लिए सात टीमें भी बनाई हैं।