Lucknow अग्निकांड: SIT की जांच में LDA के 100 से ज्यादा अफसरों के दायरे में संपत्ति की पड़ताल, 48 कोचिंग सेंटर सील
Lucknow: अलीगंज के गेमिंग जोन और कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर युवा थे। अब इस मामले में प्रशासन सख्त होता दिख रहा है और SIT उन सभी लोग
Lucknow: अलीगंज के गेमिंग जोन और कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर युवा थे। अब इस मामले में प्रशासन सख्त होता दिख रहा है और SIT उन सभी लोगों की कुंडली खंगाल रही है जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर इस मौत के जाल को अनुमति दी।
इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT का गठन किया था, जिसकी अंतिम रिपोर्ट 1 जुलाई 2026 तक सरकार को मिलनी थी। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई कि जिस बिल्डिंग में यह हादसा हुआ, उसका नक्शा सिर्फ रहने के लिए पास हुआ था, लेकिन वहां व्यावसायिक काम और कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा था। अग्नि सुरक्षा के नियमों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी।
पुलिस ने इस मामले में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला, तुषांक कृष्ण जायसवाल और रामकृष्ण उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, LDA की आंतरिक जांच में 18 अधिकारी और इंजीनियर दोषी पाए गए हैं, जिनमें 5 जोनल अधिकारी भी शामिल हैं। अब SIT साल 2016 से 2026 के बीच LDA में तैनात रहे 100 से अधिक अधिकारियों और इंजीनियरों की संपत्तियों की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि अवैध निर्माण के बदले उन्हें कोई आर्थिक लाभ तो नहीं मिला।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतकों को सहायता | 5 लाख रुपये |
| घायलों को सहायता | 50 हजार रुपये |
| सील किए गए सेंटर | 48 कोचिंग सेंटर |
| जांच के दायरे में अफसर | 100 से ज्यादा LDA अधिकारी/इंजीनियर |
| दोषी पाए गए LDA कर्मी | 18 अधिकारी और इंजीनियर |
| निलंबित अधिकारी | 4 अधिकारी |
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि इस घटना से सबक लेते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली सुरक्षा और बिल्डिंग नियमों के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी बेसमेंट में कोचिंग या व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की अनुमति नहीं होगी।
दूसरी तरफ, हादसे का दर्द झेल रही एक मृतक की मां ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए 1 करोड़ रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है। वहीं गोरक्षनाथ सनातन संघ ने मांग की है कि शहर के सभी कोचिंग संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।