Lucknow अग्निकांड: योगी की सख्ती के बाद भी एक्शन से गायब PCS अफसर, सिर्फ इंजीनियरों पर गिरी गाज

UP/Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग और एनिमेशन सेंटर में भीषण आग लगी थी, जिसमें 15 बच्चों की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे के बाद बहुत सख्त रुख अपनाया था और दोषियों पर कड़ी कार्रवा

UP/Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग और एनिमेशन सेंटर में भीषण आग लगी थी, जिसमें 15 बच्चों की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे के बाद बहुत सख्त रुख अपनाया था और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन अब कार्रवाई की सूची सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि बड़े अधिकारियों को क्यों बचाया जा रहा है।

हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने अपने सारे प्रोग्राम रद्द कर दिए थे और खुद मौके पर जाकर घायलों से मुलाकात की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो सदस्यीय SIT बनाई गई थी, जिसमें अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया। SIT को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया था। अब तक इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बिजली, फायर व LDA के चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।

LDA ने अपनी आंतरिक जांच में 25 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसमें 19 इंजीनियर और छह PCS अधिकारी शामिल थे, जिन पर 2016 से अवैध निर्माणों को रोकने में लापरवाही का आरोप है। SIT की जांच में भी कुल 30 अधिकारियों के नाम सामने आए थे। लेकिन जब शासन को फाइनल रिपोर्ट भेजी गई, तो उसमें कई वरिष्ठ PCS अधिकारियों के नाम गायब मिले।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 से 2026 तक इस क्षेत्र में तैनात रहे कई PCS अधिकारियों को सूची से बाहर रखा गया है। कार्रवाई की लिस्ट में ज्यादातर इंजीनियर और कुछ ऐसे अधिकारी हैं जिनका तबादला पहले ही हो चुका है। वर्तमान में प्राधिकरण में काम कर रहे बड़े अधिकारियों के नाम न होने पर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या हमेशा की तरह इस बार भी सिर्फ छोटे कर्मचारियों और इंजीनियरों पर कार्रवाई करके मामला रफा-दफा किया जा रहा है।