Lucknow आगजनी में प्रेमी जोड़े की मौत, नवंबर में होने वाली थी शादी; 4 अधिकारी सस्पेंड, building owner गिरफ्तार

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक प्रेमी जोड़ा भी शामिल था। यह जोड़ा उसी इमारत के ‘Head Ho

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक प्रेमी जोड़ा भी शामिल था। यह जोड़ा उसी इमारत के ‘Head Hopper Studios’ में काम करता था और आने वाले नवंबर महीने में शादी करने वाला था।

मृतकों में 28 साल के Nilesh Kumar और 27 साल की Anamika Samanta शामिल हैं। Anamika कोलकाता की रहने वाली थीं और उनके माता-पिता पिछले हफ्ते ही शादी पक्की करने के लिए लखनऊ आए थे। हादसे में Anamika की चचेरी बहन Somilya और बाराबंकी के Mohammad Ammar की भी मौत हो गई। प्रशासन ने Anamika के पार्थिव शरीर को उनके परिवार के लिए कोलकाता भेजने का इंतजाम किया है।

हादसे के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर लखनऊ वापसी की। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया है। मामले की जांच के लिए एक SIT गठित की गई है, जिसे 7 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। लापरवाही बरतने के आरोप में चार अधिकारियों—Gaurav Kumar, Kamlendra Kumar Singh, Anil Kumar और Pramod Pandey को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक Virendra Shukla, स्टूडियो फाउंडर Tushank Jaiswal, मैनेजर Ramkrishna Upadhyay और Suresh Kumar Shahu को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यूपी फायर सर्विस एक्ट के तहत 6 FIR दर्ज की गई हैं।

जांच में सामने आया कि Lucknow Development Authority (LDA) ने 2016 में ही अवैध निर्माण के कारण इस बिल्डिंग को गिराने का नोटिस दिया था, लेकिन कोर्ट केस की वजह से इसे रोका गया। अब LDA ने फिर से बिल्डिंग को गिराने का आदेश दे दिया है और पूरी इमारत को सील कर दिया गया है।

प्रत्यक्षदर्शी Mohammad Asif के मुताबिक, आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। उन्होंने बताया कि बिजली कटने की वजह से बाहर निकलने वाली बायोमेट्रिक मशीन काम नहीं कर रही थी और सीढ़ियों पर घना धुआं भर गया था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए। परिजनों का आरोप है कि बिल्डिंग में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था और दमकल गाड़ियां भी समय पर नहीं पहुंचीं।