Lucknow अग्निकांड: फायर ब्रिगेड की देरी से गई 15 बच्चों की जान, 30 अधिकारियों पर गिरेगी गाज

Lucknow: राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 युवाओं की मौत हो गई, जिनमें 12 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल थीं। अब इस घटना में फायर ब्रिगेड की देरी और प्रशासनिक लापरवाही के ग

Lucknow: राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 युवाओं की मौत हो गई, जिनमें 12 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल थीं। अब इस घटना में फायर ब्रिगेड की देरी और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित परिवार का आरोप है कि फायर ब्रिगेड एक घंटे की देरी से पहुंची। अगर दमकलकर्मी केवल 15 से 20 मिनट पहले पहुंच जाते, तो इन 15 बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने यह भी बताया कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां न तो सही सीढ़ियां थीं और न ही आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय SIT का गठन किया है। SIT की जांच में अब तक 30 अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है और उन पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इस मामले में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और एनिमेशन स्टूडियो के संस्थापक तुषांक कृष्णा जायसवाल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि सुरेंद्र शुक्ला अभी भी फरार है।

पद/विभाग कार्रवाई/स्थिति
बिल्डिंग मालिक और संस्थापक गिरफ्तार
सुरेंद्र शुक्ला फरार (तलाशी जारी)
बिजली विभाग अधिशासी अभियंता निलंबित
FSSO कमलेंद्र कुमार सिंह निलंबित
LDA AE अनिल कुमार और JE प्रमोद कुमार निलंबित

LDA ने अपनी जांच में पाया कि इस इमारत को 2016 में ही गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण यह नहीं हो सका। अब LDA ने मालिकों को नोटिस जारी किया है और जवाब न मिलने पर इमारत को ध्वस्त कर दिया जाएगा। प्रशासन अब शहर के उन सभी कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी को सील कर रहा है जिनके पास फायर एनओसी नहीं है।

इस त्रासदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि दी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की गई है।