Lucknow अग्निकांड में 15 की मौत, मंगेतर के साथ ही दुनिया से चले गए निलेश; LDA ने 18 अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने 15 परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा थे। सबसे दर्दनाक कहानी निलेश की है, जिसकी दो महीने बाद
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने 15 परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा थे। सबसे दर्दनाक कहानी निलेश की है, जिसकी दो महीने बाद शादी होने वाली थी, लेकिन वह और उसकी मंगेतर जिस ऑफिस में काम करते थे, वहीं आग की चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई।
यह हादसा 22 जून 2026 को एक तीन मंजिला इमारत में हुआ, जहां कोचिंग सेंटर और ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ नाम का एनिमेशन जोन चल रहा था। मृतकों में निलेश और उसकी मंगेतर के अलावा संयम विज, सूरजभान सिंह, मोहम्मद अम्मार, मोहम्मद शहजान, सुखमनी सिंह, आदित्य श्रीवास्तव, ज्वानिल चक्रवर्ती, सागर पंत, भविष्य, ज्योति, अब्दुल रहमान, अनामिका सामंत, तीजराज और सोमाल्या शामिल हैं। फिलहाल लवप्रीत और जयंत का इलाज KGMU में चल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। LDA की जांच में यह बात सामने आई कि आवासीय इमारत का इस्तेमाल बिजनेस के लिए किया जा रहा था। वहां न तो आग से बचने के सही इंतजाम थे और न ही बाहर निकलने का कोई आपातकालीन रास्ता था। LDA उपाध्यक्ष ने इस लापरवाही के लिए 18 अधिकारियों और इंजीनियरों को जिम्मेदार माना है और उनकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, सेंटर संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, सुरेश साहू और रामकृष्ण उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है। FIR में वीरेंद्र के भाई सुरेंद्र का नाम भी जोड़ा गया है। मामले की गहराई से जांच के लिए अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और ADG प्रवीण कुमार की एक SIT बनाई गई है।
इस अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में अवैध निर्माणों पर crackdown शुरू हो गया है। लखनऊ में 55 और पूर्वांचल में 12 कोचिंग सेंटरों और नर्सिंग होम को सील किया गया है। राज्य भर में करीब 2.48 लाख भवनों को गिराने के आदेश लंबित हैं। सरकार ने ऐलान किया है कि जिस अवैध परिसर में यह आग लगी थी, उसे 7 जुलाई को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
शहर में सुरक्षा को लेकर डर ऐसा है कि 26 जून की सुबह लोकबंधु अस्पताल परिसर में भी शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, हालांकि उसे समय रहते बुझा लिया गया और कोई हताहत नहीं हुआ।