Lucknow अग्निकांड के पीड़ितों की याद में जलायी मोमबत्तियां, 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासन सख्त
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 20 से 25 साल के युवा थे। घटना के बाद से लोग गहर
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 20 से 25 साल के युवा थे। घटना के बाद से लोग गहरे दुख में हैं और अलग-अलग जगहों पर कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
श्रद्धांजलि देने का सिलसिला लखनऊ से शुरू होकर अन्य शहरों तक पहुंचा। 24 जून को अलीगढ़ में पूर्व विधायक विवेक बंसल के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला गया। वहीं, 25 जून को लखनऊ में सदर व्यापार मंडल ने दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए 101 पक्षियों को आजाद किया। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा तक मार्च निकाला और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवारों से बात कर उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में अब तक बिजली विभाग के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, अग्निशमन विभाग के FSSO और LDA के AE व JE समेत चार अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। मामले की गहराई से जांच के लिए IPS प्रवीण कुमार और IAS अमृत अभिजात की अगुवाई में एक SIT बनाई गई है, जो सात दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी।
जांच में यह बात सामने आई कि जिस इमारत में आग लगी, उसका नक्शा तो रहने के लिए पास हुआ था, लेकिन वहां कमर्शियल काम चल रहा था। LDA ने इस पर कड़ा एक्शन लेते हुए अवैध निर्माण को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही शहर में फायर सेफ्टी की जांच तेज कर दी गई है, जिसमें अब तक 71 व्यावसायिक इमारतों को सील किया गया है और 83 मालिकों को नोटिस भेजा गया है।
आग लगने की वजह शुरुआती तौर पर AC ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हादसे के दौरान यह भी देखा गया कि इमारत में बाहर निकलने के लिए सही सीढ़ियां या इमरजेंसी एग्जिट नहीं थे, जिसकी वजह से लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाए। हालांकि, बिजली विभाग के कर्मचारियों ने इंजीनियर के निलंबन का विरोध करते हुए तकनीकी जांच की मांग की है।