Lucknow अग्निकांड: आज सामने आएगी SIT की रिपोर्ट, 15 मौतों के गुनहगारों पर गिरेगी गाज

Lucknow: राजधानी लखनऊ की एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली थी। इस दर्दनाक हादसे की जांच कर रही SIT आज अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के बाद यह साफ हो जाएगा कि इस अग्निकांड के लिए असल म

Lucknow: राजधानी लखनऊ की एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली थी। इस दर्दनाक हादसे की जांच कर रही SIT आज अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के बाद यह साफ हो जाएगा कि इस अग्निकांड के लिए असल में कौन जिम्मेदार था और किन लोगों की लापरवाही से इतनी बड़ी त्रासदी हुई।

इस मामले में पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला, एनिमेशन स्टूडियो के संस्थापक तुषांक कृष्णा जायसवाल, मैनेजर रामकृष्ण उपाध्याय और सुरेश कुमार शाहू शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है।

हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था। इनमें बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग के कमलेंद्र कुमार सिंह, LDA के सहायक अभियंता अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे शामिल हैं। हालांकि, बिजली विभाग के एक यूनियन ने अपने अधिकारी के निलंबन पर सवाल उठाए हैं और तकनीकी जांच की मांग की है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को नोटिस भेजा है। आयोग ने अग्नि सुरक्षा में भारी चूक और आपातकालीन निकास की कमी पर सवाल उठाए हैं और दो हफ्ते के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

जांच में यह बात सामने आई है कि जिस इमारत में आग लगी वह अवैध थी। साल 2016 में इसे गिराने का आदेश हुआ था, लेकिन काम रुका रहा। आरोप है कि बिल्डिंग मालिक ने बिजली सुरक्षा के लिए फर्जी NOC भी ली थी। अब LDA ने इस पूरी बिल्डिंग को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को 5-5 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया है और कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। शुरुआती जांच में दमकल विभाग को क्लीन चिट मिली है।