Lucknow अग्निकांड: SIT ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, लापरवाही बरतने वाले 4 अधिकारी निलंबित और 4 गिरफ्तार
Lucknow: राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (SIT) ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया और घायलों से बात की। इस हादसे में 15 लोगों की जा
Lucknow: राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (SIT) ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया और घायलों से बात की। इस हादसे में 15 लोगों की जान गई थी और 9 लोग घायल हुए थे, जिसके बाद अब प्रशासन दोषियों पर नकेल कस रहा है।
SIT में आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात और आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार शामिल हैं। जांच टीम ने पाया कि जिस इमारत में आग लगी, वहां कंप्यूटर एनीमेशन फिल्म बनाने का काम चल रहा था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इमारत में बिजली का लोड तय सीमा से बहुत ज्यादा था। जहां केवल 20 किलोवाट लोड की मंजूरी थी, वहीं जून तक यह बढ़कर 34 केवीए से ऊपर चला गया था, जिससे बिजली व्यवस्था पर दबाव पड़ा और हादसा हुआ।
इस मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई लोगों को पकड़ा है और अधिकारियों को सस्पेंड किया है। गिरफ्तार और निलंबित लोगों की जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | नाम |
|---|---|
| गिरफ्तार व्यक्ति | वीरेंद्र शुक्ला (बिल्डिंग मालिक), तुषांक जैसवाल (फाउंडर), रामकृष्ण उपाध्याय और सुरेश कुमार शाहु |
| निलंबित अधिकारी | गौरव कुमार (अधिशासी अभियंता), कमलेंद्र कुमार सिंह (FSSO), अनिल कुमार (सहायक अभियंता) और प्रमोद पांडे (JE) |
फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर जाकर सबूत जुटाए हैं और एसी के आउटडोर पैनल की जांच की जा रही है क्योंकि शॉर्ट सर्किट का शक है। एडीजी प्रवीण कुमार के मुताबिक, लैब रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी। SIT को 7 दिनों के भीतर अपनी फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया है। केंद्र सरकार की तरफ से भी मृतकों के लिए 2 लाख और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इस घटना के बाद अब गोरखपुर और भोपाल जैसे शहरों में भी कोचिंग सेंटरों और गेमिंग जोन की फायर सेफ्टी जांच शुरू कर दी गई है।