Lucknow अग्निकांड: आग से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई 15 लोगों की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर छात्र थे। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इन लोगों की मौत

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर छात्र थे। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इन लोगों की मौत आग की लपटों से जलने के कारण नहीं, बल्कि धुएं और जहरीली गैसों की वजह से दम घुटने से हुई है।

घटना सोमवार दोपहर को उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक इमारत में हुई थी, जहां एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर, गेमिंग जोन और पेट क्लिनिक चल रहे थे। डॉक्टरों ने बताया कि मृतकों के शरीर पर जलने के गंभीर निशान नहीं मिले हैं, लेकिन उनके फेफड़ों में धुएं के कण पाए गए हैं। प्लास्टिक और फोम जैसे सामान जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनी, जिसने ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी और लोगों की मौत हो गई। हादसे के दौरान कई लोग दूसरी मंजिल पर फंस गए थे और कुछ ने जान बचाने के लिए ऊपर से छलांग भी लगाई थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कड़ा एक्शन लिया है। एक विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया है, जिसमें अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और ADG प्रवीण कुमार शामिल हैं। SIT को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों—XEN गौरव कुमार, FSSO कमलेन्द्र कुमार सिंह, AE अनिल कुमार और JE प्रमोद पांडे को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।

पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें भवन मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग जोन संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, सुरेश कुमार साहू और राम कृष्ण उपाध्याय शामिल हैं। LDA की जांच में पता चला कि यह बिल्डिंग सिर्फ रहने के लिए स्वीकृत थी, लेकिन यहां कमर्शियल काम हो रहे थे। इमारत में न तो फायर सेफ्टी के उपकरण थे और न ही बाहर निकलने का सही रास्ता। LDA ने अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी है और 23 जोनल अफसरों की जवाबदेही तय की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद दी है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। इस हादसे के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों की जांच शुरू हो गई है, जिसमें अब तक 100 से ज्यादा संस्थान सील किए जा चुके हैं।