Lucknow अग्निकांड के बाद देशभर में जांच तेज, Patna में खान सर के कोचिंग सेंटर में मिलीं कई कमियां

UP/Bihar: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब पूरे देश में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू हो गई है। इसी कड़ी में बिहार फायर डिपार्टमेंट की टीम पटना स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची और वहां

UP/Bihar: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब पूरे देश में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू हो गई है। इसी कड़ी में बिहार फायर डिपार्टमेंट की टीम पटना स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची और वहां सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। लखनऊ की घटना ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद अब प्रशासन सख्त नजर आ रहा है।

लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक व्यावसायिक इमारत में आग लगी थी, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर युवा छात्र और कर्मचारी थे। जांच में सामने आया कि यह इमारत आवासीय थी, जिसे 2014 में नियमों के खिलाफ व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बना दिया गया था। बिल्डिंग में बाहर निकलने का सिर्फ एक रास्ता था और फायर एनओसी भी नहीं ली गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में दो सदस्यीय SIT का गठन किया है, जिसे सात दिन में रिपोर्ट देनी है।

इस हादसे के बाद लखनऊ पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है और बिजली विभाग समेत LDA के 4 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया है, जिसमें मुख्यमंत्री ने 5-5 लाख और प्रधानमंत्री ने 2-2 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है। कानपुर में भी इसी अभियान के तहत 22 कोचिंग सेंटरों को सील किया गया है।

दूसरी तरफ, पटना में खान ग्लोबल स्टडीज (खान सर कोचिंग) के निरीक्षण के दौरान सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। फायर डिपार्टमेंट की टीम ने पाया कि संस्थान में हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर और स्मोक डिटेक्टर जैसे जरूरी सिस्टम नहीं थे। पानी की टंकी की क्षमता भी मानक से बहुत कम पाई गई।

जांच का बिंदु पाया गया हाल
पानी की टंकी 25,000 लीटर की जगह सिर्फ 5,000 लीटर
निकास रास्ता 5 मंजिला इमारत में केवल एक संकरी सीढ़ी
फायर सिस्टम स्वचालित डिटेक्शन और पर्याप्त एक्सटिंग्विशर की कमी
इमारत की स्थिति फायर सर्विस एक्ट के मानदंडों को पूरा नहीं करती

अधिकारियों ने कोचिंग संस्थान को इन कमियों को सुधारने के लिए 7 से 10 दिन का समय दिया है। सहायक जिला अग्निशमन अधिकारी अजय कुमार शर्मा ने साफ किया है कि सभी इंतजाम पूरे होने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी होगा। अगर तय समय में सुधार नहीं हुआ, तो कोचिंग सेंटर को सील करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।