Lucknow अग्निकांड: छात्रों की याद में गुरुद्वारा आलमबाग ने निकाला शांति मार्च, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों की याद में गुरुवार को गुरुद्वारा आलमबाग द्वारा एक शांति मार्च निकाला गया। इस मार्च के जरिए दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई औ
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों की याद में गुरुवार को गुरुद्वारा आलमबाग द्वारा एक शांति मार्च निकाला गया। इस मार्च के जरिए दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षक मौजूद रहे।
यह शांति मार्च गुरुद्वारा आलमबाग से शुरू होकर रामनगर और आलमबाग क्रॉसिंग होते हुए वापस गुरुद्वारा साहिब पहुंचा। वहां सभी ने मिलकर अरदास की ताकि मरने वाले छात्रों की आत्मा को शांति मिले और उनके परिजनों को यह दुख सहने की हिम्मत मिले। मार्च में दशमेश पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य सरबजीत कौर और स्कूल के शिक्षक भी शामिल हुए। गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य निर्मल सिंह, त्रिलोक सिंह, रतपाल सिंह, हरजीत सिंह सरला, राजेंद्र सिंह राजू, इकबाल सिंह, गुरदीप सिंह, इंद्रपाल सिंह, भूपिंदर सिंह, परविंदर सिंह और इंदर मोहन चावला ने भी इस मार्च का नेतृत्व किया।
बता दें कि यह हादसा 22 जून 2026 को अलीगंज के एक कोचिंग और ट्रेनिंग सेंटर में हुआ था, जिसमें कम से कम 15 छात्रों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से शहर में शोक का माहौल है और लोग सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की SIT जांच के आदेश दिए हैं और घायलों के मुफ्त इलाज का निर्देश दिया है। प्रशासन अब उन अधिकारियों और इंजीनियरों की भूमिका की जांच कर रहा है जो 2014 से 2026 के बीच तैनात थे।
जांच में यह बात सामने आई है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 2016 में इस भवन में अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया गया। अब इस फैसले पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।
इस हादसे के बाद अलग-अलग संगठनों में गुस्सा देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने आगरा में कैंडल मार्च निकालकर अनियमित कोचिंग सेंटरों को बंद करने की मांग की। वहीं, कासगंज जिला कांग्रेस कमेटी के सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने पीड़ित परिवारों के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है। मुरादाबाद और मुजफ्फरनगर के विभिन्न संगठनों ने भी बिना फायर NOC के चल रहे सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।