Lucknow अग्निकांड में बड़ा खुलासा, तय सीमा से ज्यादा बिजली लोड होने से गई 15 जान

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। जिस इमारत में 15 लोगों की मौत हुई, वहां मंजूर सीमा से कहीं ज्यादा बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस हादसे में ज्यादा

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। जिस इमारत में 15 लोगों की मौत हुई, वहां मंजूर सीमा से कहीं ज्यादा बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस हादसे में ज्यादातर युवा छात्र और कर्मचारी मारे गए, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं।

यह घटना 22 जून 2026 को अलीगंज के सेक्टर डी स्थित भवन संख्या MS/102/D में हुई। यहां एक कोचिंग सेंटर, एनिमेशन स्टूडियो, पेट शॉप और क्लिनिक चल रहे थे। जांच में पता चला कि इमारत के लिए 20 किलोवाट का व्यावसायिक बिजली कनेक्शन मंजूर था, लेकिन जून 2026 तक यह लोड बढ़कर 34.18 किलोवाट तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षमता से दोगुना लोड होने की वजह से तारों और ट्रांसफार्मर पर दबाव बढ़ा, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। पुलिस ने इस मामले में 6 FIR दर्ज की हैं और बिल्डिंग मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। लापरवाही बरतने के आरोप में बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और LDA के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

अधिकारी का नाम पद/विभाग
गौरव कुमार XEN कलेक्शन, जानकीपुरम
कमलेन्द्र कुमार सिंह FSSO, इंदिरानगर
अनिल कुमार AE
प्रमोद पांडे अधिकारी

जांच में यह भी सामने आया कि इमारत का MCB बार-बार ट्रिप हो रहा था, जो ओवरलोड का संकेत था, लेकिन बिल्डिंग की देखरेख करने वाले अखिलेश शुक्ला ने इसे नजरअंदाज कर बार-बार चालू कर दिया। साथ ही, स्टूडियो का मुख्य दरवाजा बायोमेट्रिक सिस्टम से चलता था, जिसकी वजह से आग लगने पर लोग अंदर ही फंस गए।

LDA ने इस इमारत को गिराने का नया नोटिस जारी किया है। जांच कमेटी अब इस बात की भी पड़ताल करेगी कि 2016 में जारी ध्वस्तीकरण आदेश को पिछली सरकार के समय पैसे लेकर क्यों रोका गया था। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।