Lucknow अग्निकांड: CM योगी के एक्शन के बाद 3 गिरफ्तार, 4 अधिकारी सस्पेंड; मृतकों के परिजनों को 5 लाख की मदद

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर 22 से 27 साल के छात्र थे, जिनमें चार लड़कियां भी शामिल हैं। मुख्यमं

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर 22 से 27 साल के छात्र थे, जिनमें चार लड़कियां भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर कड़ा रुख अपनाते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

CM योगी आदित्यनाथ ने अपने अलीगढ़ दौरे को छोटा कर लखनऊ वापसी की और घटनास्थल के साथ-साथ KGMU अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताया और पीएम रिलीफ फंड से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।

प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और बिल्डिंग मालिकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें जनकीपुरम के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार, इंदिरा नगर के FSSO कमलेन्द्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता अनिल कुमार और कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडेय शामिल हैं।

पुलिस ने अलीगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यूपी फायर सर्विस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान राम कृष्णा उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और तुषोक कृष्णा जायसवाल के रूप में हुई है। ये तीनों बिल्डिंग के संयुक्त मालिक बताए जा रहे हैं।

हादसे की जांच के लिए एक SIT बनाई गई है, जिसमें पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के ADG प्रवीण कुमार शामिल हैं। SIT को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने भी पांच सदस्यीय टीम गठित की है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आग AC डक्ट से शुरू हुई होगी और यह बिल्डिंग रिहायशी तौर पर मंजूर थी, लेकिन इसका इस्तेमाल अवैध रूप से कमर्शियल काम के लिए किया जा रहा था।

इस बिल्डिंग में लर्निंग स्पेस कोचिंग सेंटर, हेड हॉपर स्टूडियो, लाइब्रेरी, पेट शॉप, क्लिनिक और कंप्यूटर ग्राफिक्स सेक्शन जैसे कई संस्थान चल रहे थे। बचाव कार्य के लिए NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मोर्चा संभाला था।