Lucknow अग्निकांड: 15 छात्रों की मौत पर सियासत तेज, अजय राय ने डिप्टी सीएम पर लगाए गंभीर आरोप
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 19 से 30 साल के युवा छात्र थे। घटना के बाद सरकार और विपक्ष
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 19 से 30 साल के युवा छात्र थे। घटना के बाद सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
यह दर्दनाक हादसा 22 जून 2026 को ऊषा मेहता मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला इमारत में हुआ। यहाँ एक कोचिंग सेंटर, एनिमेशन स्टूडियो और पेट शॉप चल रही थी। जांच में सामने आया कि यह इमारत सिर्फ रहने के लिए बनी थी, लेकिन इसे अवैध रूप से बिजनेस के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। बिजली का लोड तय सीमा से ज्यादा था और आग लगने पर बायोमेट्रिक लॉक की वजह से बच्चे अंदर ही फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी कहा कि फायर ब्रिगेड को पहुंचने में करीब 40 मिनट की देरी हुई।
इस घटना पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव नजदीक हैं, इसलिए वे मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। अजय राय का आरोप है कि जब भी सरकार किसी मुश्किल में फंसती है, तो वह जनता को गुमराह करने के लिए SIT बना देती है। उन्होंने मांग की है कि जिस इमारत को गिराने का आदेश लागू नहीं किया गया, उन अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज होना चाहिए।
वहीं, सरकार ने इस मामले में सख्त कदम उठाए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी कार्यक्रम रद्द कर उच्च स्तरीय बैठक की और दो सदस्यीय SIT का गठन किया है। इस SIT में अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है, जिन्हें 7 दिन में रिपोर्ट देनी होगी। पुलिस ने अब तक इमारत के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं। लापरवाही बरतने वाले बिजली, फायर और LDA विभाग के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
मृतकों के परिवारों के लिए सीएम योगी ने 5 लाख और पीएम मोदी ने 2 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया है। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। प्रशासन ने अब उस इमारत को गिराने का आदेश जारी कर दिया है। इस हादसे के बाद कानपुर में भी 22 कोचिंग सेंटर सील किए गए हैं और पटना में भी जांच टीमें भेजी गई हैं।