Lucknow अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन, 71 इमारतें सील और कई अधिकारियों पर गिरेगी गाज
Lucknow: राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। इस हादसे में 15 छात्र-छात्राओं की जान चली गई थी, जिसके बाद अब शहर भर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य
Lucknow: राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। इस हादसे में 15 छात्र-छात्राओं की जान चली गई थी, जिसके बाद अब शहर भर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि फायर सेफ्टी मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), अग्निशमन विभाग और बिजली विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अब तक 71 व्यावसायिक इमारतों को सील कर दिया है। इनमें बड़े कोचिंग संस्थान, होटल और लाइब्रेरी शामिल हैं। साथ ही 83 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं और यह अभियान अगले तीन हफ्तों तक जारी रहेगा।
एसआईटी की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि अलीगंज की जिस इमारत में आग लगी थी, उसका 2016 का बिजली सुरक्षा एनओसी (NOC) फर्जी था। इस मामले में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने 19 इंजीनियरों और 6 पीसीएस अधिकारियों के नाम सरकार को भेजे हैं, जिन पर लापरवाही का आरोप है। बिल्डिंग मालिक समेत चार लोग पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। जिस अवैध इमारत में हादसा हुआ, उसे गिराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि सभी 15 छात्रों की मौत आग से जलने के कारण नहीं, बल्कि धुएं और जहरीली गैसों से दम घुटने की वजह से हुई। दमकल विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, शॉर्ट सर्किट से लगी आग फसाड ग्लास और अंदर रखे ज्वलनशील सामान की वजह से तेजी से फैली। हादसे के वक्त 12 एसी फटने और बायोमेट्रिक लॉक व बंद दरवाजों की वजह से छात्र बाहर नहीं निकल पाए।
इस घटना के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप है। प्रदेश भर में अब तक 335 से ज्यादा भवनों को सील किया गया है और एक हजार से अधिक को नोटिस मिले हैं। प्रयागराज में 86 गेस्ट हाउस और होटलों के आवेदन निरस्त हुए हैं, जबकि वृंदावन में 19 होटल और रेस्टोरेंट सील किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि अब भीड़भाड़ वाली हर जगह पर फायर सेफ्टी उपाय और दूसरा निकास द्वार होना अनिवार्य होगा।