Lucknow में मौलाना जर्जीस अंसारी पर FIR, भगवान श्रीकृष्ण को ‘पक्का मुसलमान’ बताने का आरोप
Lucknow: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में पुलिस ने मौलाना जर्जीस अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. उन पर भगवान श्रीकृष्ण के बारे में विवादित टिप्पणी करने का आरोप है, जिससे सनातन धर्म को मानने वाले लोगों की भावनाएं आह
Lucknow: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में पुलिस ने मौलाना जर्जीस अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. उन पर भगवान श्रीकृष्ण के बारे में विवादित टिप्पणी करने का आरोप है, जिससे सनातन धर्म को मानने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. यह पूरा मामला एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है.
घटना 23 जून की है जब झारखंड में एक तकरीर के दौरान मौलाना जर्जीस अंसारी ने कथित तौर पर भगवान श्रीकृष्ण को ‘पक्का मुसलमान’ और ‘पांच वक्त का नमाजी’ बताया था. आरोप है कि उन्होंने श्रीमद्भगवद गीता के एक श्लोक का गलत मतलब निकालकर यह दावा किया कि श्रीकृष्ण पृथ्वी पर इस्लाम धर्म का प्रचार करते थे. इस बयान के बाद विवाद बढ़ गया और अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने हजरतगंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 302 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. मामले की जांच इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को सौंपी गई है, जो सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रहे हैं. आरोपी मौलाना जर्जीस अंसारी उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
इस बयान पर कई हिंदू संगठनों और धार्मिक नेताओं ने नाराजगी जताई है. श्री कृष्ण जन्मभूमि केस के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह और विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है. वहीं, अयोध्या के महंत विष्णु दास ने विवादित टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताते हुए इनाम की घोषणा भी की है. दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी आपत्ति जताई है और कहा है कि भगवान कृष्ण मुसलमान नहीं थे और नमाज पढ़ने का सवाल ही नहीं उठता.