Lucknow में फिक्की फ्लो ‘शी राइजेस 2026’ संपन्न, 33 महिला उद्यमियों को मिले सर्टिफिकेट
Lucknow: राजधानी लखनऊ के होटल क्लार्क्स अवध में फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर द्वारा आयोजित ‘फ्लो शी राइजेस 2026’ का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक पूरा हुआ। 25 जून से 27 जून 2026 तक चले इस तीन दिवसीय एंटरप्रेन्योरियल बू
Lucknow: राजधानी लखनऊ के होटल क्लार्क्स अवध में फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर द्वारा आयोजित ‘फ्लो शी राइजेस 2026’ का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक पूरा हुआ। 25 जून से 27 जून 2026 तक चले इस तीन दिवसीय एंटरप्रेन्योरियल बूट कैंप का मकसद शहर की महिला उद्यमियों को बिजनेस के गुर सिखाना और उन्हें सशक्त बनाना था।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन फिक्की फ्लो की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा गर्ग और राष्ट्रीय स्टार्टअप प्रमुख प्रिया गौतम ने किया। आयोजन में फिक्की फ्लो लखनऊ की अध्यक्ष सिमरन साहनी, सीनियर वाइस चेयरपर्सन देवंशी सेठ, एकता मौर्या और करिश्मा खन्ना ने अहम भूमिका निभाई। इस बूट कैंप के लिए 100 से ज्यादा महिला उद्यमियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 33 प्रतिभाशाली महिलाओं को ट्रेनिंग के लिए चुना गया।
प्रशिक्षण के दौरान अद्वैत कुर्लेकर, प्राची जैन, टीना मनसुखानी गर्ग, विवेक वर्मा, प्राजक्त राउत और नीतू बंसल जैसे विशेषज्ञों ने मार्केटिंग, ब्रांडिंग, फाइनेंस और लीडरशिप पर सत्र लिए। समापन समारोह में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार (IAS) ने सभी 33 महिला उद्यमियों को सर्टिफिकेट दिए।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन तिथि | 25 से 27 जून 2026 |
| स्थान | होटल क्लार्क्स अवध, लखनऊ |
| कुल आवेदन | 100 से अधिक |
| चयनित प्रतिभागी | 33 महिला उद्यमी |
| सहयोगी संस्थाएं | MeitY स्टार्टअप हब और स्टार्ट इन यूपी |
| मुख्य अतिथि | आलोक कुमार (IAS) |
कार्यक्रम के अगले चरण में अब प्रदर्शन के आधार पर टॉप 10 महिला उद्यमियों को चुना जाएगा। इन चुनिंदा महिलाओं को बिजनेस लीडर्स से वन-टू-वन मेंटरशिप मिलेगी। इस पूरी प्रक्रिया का अंत राष्ट्रीय फ्लो स्टार्टअप कॉन्क्लेव में होगा, जहां प्रतिभागी अपने बिजनेस को नेशनल लेवल पर दिखा सकेंगी और नेटवर्किंग कर सकेंगी।
सिमरन साहनी और पूजा गर्ग ने बताया कि महिला उद्यमी देश की आर्थिक प्रगति और रोजगार पैदा करने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। वहीं आलोक कुमार ने कहा कि इस तरह की पहल से उत्तर प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होगा और आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी।