Lucknow में किसानों ने किया मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव, 400 यूनिट मुफ्त बिजली और विधवा पेंशन बढ़ाने की मांग
Lucknow: नव भारतीय किसान संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने 29 जून, 2026 को लखनऊ में प्रदर्शन किया। किसानों ने शहीद स्मारक से शुरू होकर मंडलायुक्त कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला और कार्यालय का घेराव किया। इस दौ
Lucknow: नव भारतीय किसान संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने 29 जून, 2026 को लखनऊ में प्रदर्शन किया। किसानों ने शहीद स्मारक से शुरू होकर मंडलायुक्त कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला और कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान संगठन ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन को किसानों की समस्याओं को सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। किसानों की मुख्य मांगों में 400 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना और विधवा पेंशन को बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह करना शामिल है। इसके अलावा, किसानों ने सभी कृषि ऋण माफ करने और गन्ने का समर्थन मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की है।
किसानों ने अन्य स्थानीय समस्याओं पर भी जोर दिया, जिसमें आवारा पशुओं से फसलों के नुकसान का समाधान, बक्शी का तालाब महिला थाने को नए भवन में शिफ्ट करना और छठे मील स्थित निजी सब्जी मंडी को सरकारी जमीन खाली कराकर हटाना शामिल है। संगठन ने मुख्यमंत्री से अपने प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने की भी मांग की है।
| प्रमुख मांगें | विवरण |
|---|---|
| मुफ्त बिजली | 400 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिले |
| विधवा पेंशन | बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह की जाए |
| कृषि ऋण | सभी किसानों के कर्ज माफ हों |
| गन्ने का रेट | समर्थन मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल हो |
| पशु समस्या | आवारा पशुओं से फसल बचाव का इंतजाम हो |
| मंडी शिफ्टिंग | छठे मील की निजी मंडी सरकारी जमीन से हटाई जाए |
इसी तरह के अन्य प्रदर्शनों की बात करें तो ग्रेटर नोएडा के किसान भी 4% अतिरिक्त विकसित आबादी भूखंड की मांग को लेकर लखनऊ कूच कर रहे हैं। वहीं, 16 जून को भारतीय किसान यूनियन (अवध) ने बिजली कटौती और गलत बिलों के खिलाफ मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव किया था। हालांकि, सरकार ने सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली की घोषणा की है, लेकिन इसके लिए बकाया राशि जमा करने जैसी शर्तें रखी गई हैं।