Lucknow में नकली जीवनरक्षक दवाओं का जखीरा पकड़ा गया, 4.37 लाख की दवाएं जब्त
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और बक्शी का तालाब (BKT) पुलिस की टीम ने किसान पथ पर एक ओमनी वैन से भारी मात्रा में नकली जीवनर
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और बक्शी का तालाब (BKT) पुलिस की टीम ने किसान पथ पर एक ओमनी वैन से भारी मात्रा में नकली जीवनरक्षक दवाएं बरामद की हैं। जब्त की गई इन दवाओं की कुल कीमत करीब 4.37 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश में नकली और जाली दवाओं के नेटवर्क को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान का हिस्सा है। पुलिस और FSDA की टीम ने इस मामले में एक आरोपी को पकड़ा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को पकड़ना है जो सरकारी अस्पतालों की दवाओं की कालाबाजारी, फर्जी बिलिंग और री-लेबलिंग जैसे गलत कामों में शामिल हैं।
नकली दवाओं के खिलाफ यह जंग सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है। जुलाई 2026 की शुरुआत में लखनऊ और वाराणसी के बीच चलने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ था, जिसमें 26.60 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं मिली थीं। उस दौरान 25 दवा फर्मों पर छापेमारी हुई और 12 फर्मों का काम बंद कर दिया गया। इस मामले में विमल कुमार सिंह और संदीप श्रीवास्तव नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
वहीं आगरा में भी इस अभियान के तहत रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई हुई है। वहां 3.63 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकली और अवैध दवाएं जब्त की गईं। आगरा में 13 दवा फर्मों पर छापेमारी हुई और 58 थोक दवा बिक्री लाइसेंस निलंबित किए गए। आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे फिजिशियन सैंपलों की कालाबाजारी और अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क पर कड़ी नजर रखें।
बता दें कि यह विशेष अभियान मई 2026 से लगातार चल रहा है ताकि आम जनता तक पहुंचने वाली दवाएं असली हों और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ न हो।