Lucknow में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, 4 फर्मों पर FIR; राजस्थान से जुड़ा है नेटवर्क
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नकली दवाओं के कारोबार का एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया है। FSDA और पुलिस की जांच के बाद अमीनाबाद इलाके की चार फर्मों और उनके संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस पूरे मामले में नकली थ्रोम्बोफोब ऑ
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नकली दवाओं के कारोबार का एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया है। FSDA और पुलिस की जांच के बाद अमीनाबाद इलाके की चार फर्मों और उनके संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस पूरे मामले में नकली थ्रोम्बोफोब ऑइंटमेंट की बिक्री की बात सामने आई है, जिससे आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि रिकॉर्ड में मौजूद 24 हजार ट्यूब का स्टॉक मौके पर नहीं मिला। FSDA के सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार और आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य, विवेक कुमार सिंह, राहुल कुमार और अनीता कुरील ने जब्त दवाओं की बारीकी से जांच की। जांच में पता चला कि इस सिंडिकेट का मुख्य संचालन राजस्थान से हो रहा था, जहां से नकली दवाएं उत्तर प्रदेश भेजी जाती थीं।
इस रैकेट के मास्टरमाइंड के रूप में राजस्थान के भूपेंद्र शर्मा और गुर्जर का नाम सामने आया है। इनके साथ प्रयागराज के वीरू सिंह चौहान, लखनऊ के राज विक्रम सिंह और विनीत सिंह भी जुड़े हुए हैं। पुलिस और FSDA ने पिछले कुछ दिनों में कई जगहों पर छापेमारी की है। 19 जुलाई को अमीनाबाद, बक्शी का तालाब और गोंडा में करीब 24 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं मिली थीं, जबकि 20 जुलाई को गोंडा से 1.13 करोड़ रुपये की दवाएं बरामद हुईं।
पिछले एक महीने के अभियान में अब तक करीब 20 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की गई हैं और 50 से ज्यादा मेडिकल स्टोरों पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। 23 जुलाई को देहरादून में भी एक ऐसा ही सिंडिकेट पकड़ा गया, जिसके तार लखनऊ के अमीनाबाद और टीपी नगर से जुड़े मिले। जब्त दवाओं में गैस, बीपी, दर्द, सूजन और एंग्जायटी की दवाएं समेत एंटीबायोटिक्स शामिल थीं। इन दवाओं के पैकेट पर स्पेलिंग और प्रिंटिंग की काफी गलतियां थीं।
FSDA ने आम लोगों को चेतावनी दी है कि दवा हमेशा लाइसेंस वाले मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और पक्का बिल जरूर लें। अगर दवा की पैकिंग, कीमत या स्पेलिंग में कोई शक हो, तो उसे न खरीदें और तुरंत पुलिस या विभाग को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति को पकड़ा जाएगा क्योंकि नकली दवाएं मरीजों की जान के लिए बेहद खतरनाक हो सकती हैं।