Lucknow में नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, राजस्थान से यूपी के 6 जिलों तक सप्लाई; 1.37 करोड़ का माल जब्त
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नकली दवाओं के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और लखनऊ पुलिस ने मिलकर इस नेटवर्क को पकड़ा है। यह गिरोह राजस्थान में दवाएं बनाकर बिना किसी बिल क
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नकली दवाओं के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और लखनऊ पुलिस ने मिलकर इस नेटवर्क को पकड़ा है। यह गिरोह राजस्थान में दवाएं बनाकर बिना किसी बिल के उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सप्लाई कर रहा था।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब FSDA ने 8 और 9 जुलाई को लखनऊ के अमीनाबाद इलाके में एक अवैध गोदाम पर छापा मारा। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और पता चला कि यह नेटवर्क बहुत बड़ा है। राजस्थान के भूपेंद्र शर्मा को इस गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में कुल आठ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
जांच में सामने आया कि ये नकली दवाएं रोडवेज और निजी बसों के जरिए अलग-अलग जिलों में भेजी जाती थीं। भुगतान के लिए फोन-पे जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल होता था ताकि कोई कागजी सबूत न रहे। कुछ दवाएं उत्तराखंड के रुड़की में बनती थीं और लखनऊ के रास्ते दिल्ली और हरियाणा पहुंचाई जाती थीं।
अधिकारियों ने बताया कि पकड़ी गई दवाओं की पैकेजिंग पर बड़ी गलतियां थीं। जैसे ‘Dose’ को ‘Doage’ और ‘Approved’ को ‘Apporved’ लिखा गया था। लखनऊ के अमीनाबाद और बक्शी का तालाब के साथ-साथ गोंडा से भी भारी मात्रा में दवाएं जब्त की गई हैं। कुल जब्ती करीब 1.37 करोड़ रुपये की है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रभावित जिले | लखनऊ, गोंडा, प्रयागराज, वाराणसी और सीतापुर |
| दवाओं के प्रकार | BP, एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, एसिडिटी, बुखार और एलर्जी (कुल 27 प्रकार) |
| प्रमुख ब्रांड | Telma, Pantop-40, Moxizide-CV, ZeroDol-SP, Augmentin |
| कुल जब्ती | लगभग 1.37 करोड़ रुपये |
| मुख्य आरोपी | भूपेंद्र शर्मा (राजस्थान) और अन्य 7 लोग |
FSDA आयुक्त डॉ. रोशन जैकब और सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि 27 संदिग्ध दवाओं के नमूने सरकारी लैब में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी दवा की प्रिंटिंग, पैकिंग या कीमत पर शक हो, तो तुरंत पुलिस या FSDA को जानकारी दें।