Lucknow में नकली शराब का बड़ा खेल, fake QR कोड लगाकर Bihar भेजी जा रही थी बोतलें, 1 गिरफ्तार

Lucknow: राजधानी के पीजीआई इलाके में आबकारी विभाग और पुलिस ने मिलकर नकली शराब के एक बड़े नेटवर्क को पकड़ा है। वृंदावन योजना के सेक्टर-10 में एक घर पर छापेमारी कर पुलिस ने 1370 बोतल संदिग्ध अंग्रेजी शराब बरामद की है। यह प

Lucknow: राजधानी के पीजीआई इलाके में आबकारी विभाग और पुलिस ने मिलकर नकली शराब के एक बड़े नेटवर्क को पकड़ा है। वृंदावन योजना के सेक्टर-10 में एक घर पर छापेमारी कर पुलिस ने 1370 बोतल संदिग्ध अंग्रेजी शराब बरामद की है। यह पूरा खेल नकली QR कोड और जाली लेबल के जरिए चलाया जा रहा था ताकि शराब असली लगे।

लखनऊ जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़े गए QR कोड, ब्रांड लेबल और बोतलों के ढक्कन पूरी तरह नकली थे। जब विभाग के मोबाइल ऐप से इन कोड को स्कैन किया गया, तो कोई डेटा नहीं मिला, जिससे साफ हो गया कि यह शराब फर्जी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह शराब लखनऊ के पास के ही किसी जिले में बनाई जा रही थी।

दक्षिण जोन के ADCP वसंत कुमार रल्लापल्ली के मुताबिक, मौके से अनिल वर्मा नाम के 36 साल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अनिल ने पूछताछ में बताया कि वह अपने साथी विमल यादव के साथ मिलकर यह काम कर रहा था। ये लोग किराए का मकान लेकर नकली शराब तैयार करते थे और उसे बिहार भेजते थे। बिहार में शराबबंदी लागू होने की वजह से वहां इस काम में बहुत मुनाफा होता है, जिसका फायदा ये तस्कर उठा रहे थे।

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व आबकारी निरीक्षक विवेक सिंह ने किया। पुलिस ने पीजीआई थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं और आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मामला दर्ज किया है।

विवरण जानकारी
बरामद शराब 1370 बोतल (लगभग 2.5 लाख रुपये मूल्य)
गिरफ्तार आरोपी अनिल वर्मा (निवासी आजाद नगर, लखनऊ)
फरार आरोपी विमल यादव (निवासी आजमगढ़)
छापेमारी की जगह सेक्टर-10, वृंदावन योजना, लखनऊ
मुख्य साजिश नकली QR कोड और लेबल लगाकर बिहार सप्लाई

फिलहाल पुलिस फरार आरोपी विमल यादव की तलाश कर रही है, जो शराब की सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन का काम संभालता था। आबकारी विभाग ने कहा है कि अंतरराज्यीय तस्करी और नकली शराब बनाने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।